OPINION: वर्तमान चुनौतियों के बीच एक संतुलित बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट में आधारभूत संरचाृनाओं के विकास पर काफी ध्यान दिया है.

News18 Jharkhand
Updated: July 6, 2019, 4:53 AM IST
OPINION: वर्तमान चुनौतियों के बीच एक संतुलित बजट
बजट
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Updated: July 6, 2019, 4:53 AM IST
डॉ. हरीश्वर दयाल

देश की वर्तमान चुनौतियों के परिप्रेक्ष्य में अगर इस बजट को देखा जाए तो यह काफी संतुलित बजट प्रतीत होता है. यह बजट निजी और सार्वजनिक निवेश को बढ़ाने, आर्थिक विकास दर को तीव्र करने, बेराजगारी को कम करने एवं जरूरतमदों के कल्याण को बढ़ाने का एक अच्छा प्रयास है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट में आधारभूत संरचनाओं के विकास पर काफी ध्यान दिया है. यातायात को सुगम बनाने एवं ग्रामीण एवं शहरी अंतर को पाटने के लिए भारतमाला, सागरमाला एवं उड़ान कार्यक्रमों को अत्यधिक बढ़ावा दिया है. सड़क के विकास के लिए राष्ट्रीय उच्च मार्ग योजना का पुनर्गठन किया जाएगा. अगले 5 साल में 80.25 लाख करोड़ रुपए निवेश कर एक सौ पच्चीस हजार किलोमीटर सड़क का उन्नयन किया जाएगा.

रेलवे के आधुनिकीकरण एवं सुदृढीकरण के लिए वृहद कार्यक्रम इस साल से शुरू किए जाएंगे. आने वाले बारह सालों में इस मद पर 50 लाख करोड़ निवेश किया जाएगा. रेलवे के तीव्र विकास के लिए निजी-सार्वजनिक भागीदारी का भी प्रावधान किया गया है. रेलवे को उप-नगरीय सेवा के विस्तार के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा.

शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र का विकास इस बजट की प्राथमिकता है. शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए यह कृत संकल्प प्रतीत हो रही है. विश्व स्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए इस बजट ने प्रयास किया है. नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए 400 करोड़ रुपए का प्रावधान इस बजट में किया गया है.

इस बजट में कुछ नई जन कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई है एवं कुछ प्रचलित योजनाओं का विस्तार भी किया है. प्रत्येक ग्रामीण परिवार के लिए बिजली एवं गैस कनेक्शन का प्रावधान किया गया है. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.95 करोड़ लाभुकों को घर देने का प्रावधान भी किया गया है, इस बजट ने 2 अक्टूबर 2019 तक पूरे देश को ओडीएफ करने के प्रधानमंत्री के संकल्प को प्राप्त करने के लिए सदन को आश्वस्त किया है. यह बजट 2024 तक 'हर घर जल' उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. सभी भारतीयों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल शक्ति मंत्रालय के गठन की भी बात यह बजट कह रही है.

बैंकों के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता कुछ समय से महसूस की जा रही थी. इसके लिए इस बजट में कई प्रावधान किए गए हैं. इस बजट ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैकों की पूंजी को बढ़ाने के लिए सतर हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है. उद्योगाें के विकास के लिए भी कई प्रावधान किए गए हैं. ऐसी कंपनियां जिसका वार्षिक टर्न ओवर 400 करोड़ रुपए तक है, उसका काॅरपोरेट टैक्स घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है. एमएसएमई एवं स्टार्ट-अप कंपनियों के विकास के लिए भी इस बजट में प्रावधान किए गए हैं. स्टार्ट-अप कंपनी के ऊपर लगाए गए ऐंजेल कर को हटा दिया गया है. घरेलू निवेश को बढ़ाने के अलावा विदेशी निवेशों को आकृष्ट करने के भी प्रावधान इस बजट में है.
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इन सभी कार्य क्रमों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अतिरिक्त राजस्व संग्रहण की भी व्यवस्था की गई है. अत्यधिक धनी व्यक्तियों, जिनकी वार्षिक आय दो करोड़ से अधिक है, उन्हें अतिरिक्त सरचार्ज देना पड़ेगा. पेट्रोल, डीजल पर भी एक रुपया प्रति लीटर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी देना होगा. सोना एवं कीमती धातु पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया है. करों के सरलीकरण के लिए भी प्रावधान किए गए है. इसके कारण कर अनुपालन के दर में वृद्धि की उम्मीद की जा सकती है.

(लेखक अर्थशास्त्री हैं)

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First published: July 6, 2019, 4:53 AM IST
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