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झारखंड में धान खरीद घोटाला: पहले किसानों के खाते में डाले पैसे, फिर बिना बताए निकासी

झारखंड में धान खरीद घोटाला: पहले किसानों के खाते में डाले पैसे, फिर बिना बताए निकासी

Palamu Paddy Purchase Scam: पलामू में धान खरीद को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है. (फाइल फोटो)

Palamu Paddy Purchase Scam: पलामू में धान खरीद को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है. (फाइल फोटो)

Jharkhand Paddy Purchase Scam: पलामू में पैक्‍स के जरिये किसानों से धान की खरीद की गई थी. आरोप है कि फर्जी तरीके से कागजात बनाकर धान खरीद को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया गया. इसके साथ ही किसानों के खाते में पैसे डाले गए और फिर बिना उन्‍हें सूचना दिए उनके खाते से पैसे की निकासी भी हो गई. इसको लेकर झारखंड हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है.

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रांची. पलामू में धान खरीद के नाम पर बड़े घोटाले को अंजाम देने का मामला सामने आया है. यहां लाभुक किसानों की जानकारी के बगैर ही उनके नाम पर फर्जी तरीके से धान खरीद कर खाते में करोड़ों रुपये का खेल खेला जा रहा है. इस पूरे मामले में झारखंड हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है.

पलामू में धान खरीद के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है. इस घोटाले को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में अरुण कुमार दुबे की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है. मामला पिछले साल मई 2020 का है. दरअसल, पलामू प्रमंडल में धान खरीद के नाम पर किसानों के साथ बड़ी ठगी का मामला सामने आ रहा है. इसमें किसानों से वास्तविक रूप में पैक्स के माध्यम से जितनी धान की खरीद की जा रही है, कागज पर उससे कई गुना ज्यादा बताकर बड़ी रकम खाते में ट्रांसफर की जा रही है. पलामू के हुसैनाबाद और मनातू समेत कई प्रखंडों में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं. पिछले साल किसानों के लिए धान खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्यतय किया गया था. इसी के आधार पर पैक्स के माध्यम से किसानों से धान की खरीद की जा रही थी.

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याचिकाकर्ता अरुण कुमार दुबे ने बताया कि पलामू के मनातू प्रखंड के पदमा गांव में मयूर अहमद और नुसरत परवीन के एसबीआई खाते में 12 मार्च को 1 लाख 81 हजार 500 रुपए डाले गए और फिर अगले ही दिन 13 तारीख को पूरी राशि निकाल ली गई. ठीक इसी तरह 7 अप्रैल 2020 को ₹2 लाख खाते में डाले गए और अगले ही दिन 8 अप्रैल को पूरी राशि बिना किसान की जानकारी के ही निकाल ली गई. उसके बाद 6 मई 2020 को ₹2 लाख फिर से खाते में डाले गए और 2 दिन बाद ही 8 अप्रैल को पूरी राशि खाते से निकाल ली गई.

याची के वकील राजीव कुमार ने बताया कि इस मामले को लेकर डीसी ने सदर एसडीओ को जांच का आदेश दिया, जिसके बाद पलामू के हुसैनाबाद और मनातू अंचलाधिकारी को धान क्रय को लेकर मामले की जांच के आदेश दिए गए. किसानों से ठगी करने के इस मामले के पीछे करोड़ों रुपए का खेल बताया जा रहा है. ऐसे में अब हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है.

Tags: Jharkhand High Court, Palamu news

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