राजभवन में हुई पेंटिग प्रतियोगिता,15 जिलों के बच्चे हुए शामिल

राज‌भवन के बिरसा मंडप में मंगलवार को राज्य स्तरीय पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता में सूबे के 15 जिलों के 4 सौ से अधिक बच्चों ने भाग लिया.विभिन्न वर्गों में हुई इस प्रतियोगिता में सामान्य बच्चों के साथ साथ विशेष बच्चों ने भी शिरकत की और जिंदगी के विभिन्न रंगों को कागजों में उकेर अपनी भावनाओं को लोगों के सामने रखा.

Manoj Kumar | News18 Jharkhand
Updated: September 11, 2018, 9:16 PM IST
राजभवन में हुई पेंटिग प्रतियोगिता,15 जिलों के बच्चे हुए शामिल
पेंटिंग प्रतियोगिता के एक विजेताै दिव्यांग छात्र को पुरस्कृत करतीं राज्यपाल
Manoj Kumar
Manoj Kumar | News18 Jharkhand
Updated: September 11, 2018, 9:16 PM IST
राज‌भवन के बिरसा मंडप में मंगलवार को राज्य स्तरीय पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता में सूबे के 15 जिलों के 4 सौ से अधिक बच्चों ने भाग लिया.विभिन्न वर्गों में हुई इस प्रतियोगिता में सामान्य बच्चों के साथ साथ विशेष बच्चों ने भी शिरकत की और जिंदगी के विभिन्न रंगों को कागजों में उकेर अपनी भावनाओं को लोगों के सामने रखा. उनकी बनाई पेंटिंग्स में दर्द, संवेदना, समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण के कई इंद्रधनुषी रंग एक साथ दिखे.राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू की पहल पर यह प्रतियोगिता शुरु की गई है.बताया गया कि इस प्रतियोगिता में बेहतर करने वाले बच्चों को राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा जाएगा.

बिरसा मंडप में बच्चों की बनी पेंटिग्स देख लगा कि यह केवल रंगों के नहीं बनी हैं बल्कि इनमें एक संवेदना है,शब्द हैं. वैसे वह बच्चे जो बोल नहीं पाते,जो खुली आंखों से सपना नहीं देख पाते, जो अभिव्यक्ति नहीं कर पाते हैं अपनी भावनाओं की, उन सबको यहां अवसर मिला.राजभवन में झारखंड राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय पेंटिंग प्रतियोगिता में सूबे के विभिन्न जिलों से आए स्कूली बच्चों ने शिरकत की.इनमें कई बच्चे ऐसे थे जो ना तो बोल सकते थे ना सुन सकते थे तो कई बच्चों का शरीर मन का साथ नहीं दे रहा था.इनमें ऐसे बच्चे भी शामिल हुए जो रंगों को पहचानने की बात तो दूर कई बच्चे दिन की रोशनी में भी ठीक से देख नहीं पाते हैं.बावजूद इसके इस प्रतियोगिता में इन बच्चों ने अपनी संवेदना,अपनी बातों अपने सपनों के रंगों से उकरने की कोशिश की.राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू ने भी इन बच्चों को हौसलों के रंग को देखा और जी भर कर सराहना की.
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