कोरोना संक्रमित होने पर नवजात को अस्पताल में छोड़कर भागे मां-बाप, जान बचाने में जुटे डॉक्टर
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कोरोना संक्रमित होने पर नवजात को अस्पताल में छोड़कर भागे मां-बाप, जान बचाने में जुटे डॉक्टर
रिम्स के डॉक्टर ने सोमवार को बच्ची के आंत का ऑपरेशन किया

रांची के रिम्स (RIMS) में कोरोना संक्रमित (Corona Infected) पाये जाने पर 18 दिन की नवजात बच्ची को छोड़कर मां-बाप भाग गये. बच्ची को जन्म से आंत में परेशानी है. सोमवार को डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन किया.

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रांची. झारखंड की राजधानी रांची स्थित रिम्स (RIMS) के पीडियाट्रिक सर्जरी सुपर स्पेशियलिटी विंग में भर्ती गढ़वा की 18 दिन की नवजात को कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) पाये जाने पर घरवाले छोड़ कर भाग गए थे. चार दिन पहले लाख कोशिशों के बावजूद जब नवजात के माता-पिता वापस नहीं आये, तो रिम्स के डॉक्टरों ने अपने दम पर उसकी जान बचाने का संकल्प लिया. इसमें डॉक्टरों को कुछ स्वयंसेवी संगठनों का भी साथ मिला. सोमवार को नवजात का ऑपरेशन (Operation) कर उसके आंत का डॉक्टरों ने सफल रिपेयरिंग कर दिया. फिलहाल नवजात डॉक्टरों के ऑब्जेर्वशन में है.

पेडिएट्रिक सर्जन डॉ अभिषेक रंजन ने न्यूज-18 को बताया कि बच्ची का आंत जन्म से ही सड़ा हुआ था. सोमवार को सर्जरी कर बड़ी आंत के सड़े हुए भाग को काट कर हटा दिया गया. और बायपास बना दिया गया है. नवजात की स्थिति गंभीर है. उसको 48 घंटे के ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. डॉक्टर के अनुसार सबकुछ ठीक रहा तो नवजात के स्वस्थ्य होने पर एक बार फिर सर्जरी कर आंत को पूरी तरह दुरूस्त कर दिया जाएगा.

प्रशासन की पहल पर दादा-दादी कर रहे देखभाल 



नवजात को रिम्स में भर्ती कराने के बाद डॉक्टर ने जब ऑपरेशन से पूर्व कोरोना जांच करायी, तो बच्ची पॉजिटिव पाई गई. जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद विश्रामपुर के रहने वाले माता-पिता नवजात को अस्पताल में छोड़कर भाग गए. रिम्स प्रबंधन द्वारा इसकी सूचना रांची जिला प्रशासन को दी गयी. एसडीओ रांची और गढ़वा प्रशासन की पहल पर नवजात के माता-पिता तो नहीं आये, पर उसके दादा-दादी का दिल पसीजा और वे रिम्स पहुंचे. अब दादा-दादी ही नवजात की देखभाल कर रहे हैं.
रिम्स अधीक्षक और स्वास्थ्य मंत्री ने की प्रशंसा

रिम्स के चाइल्ड सर्जरी के युवा चिकित्सकों द्वारा कोरोना पॉजिटिव नवजात के जीवन बचाने की कोशिश की रिम्स प्रबंधन और स्वास्थ्य मंत्री ने प्रशंसा की. दोनों ने नवजात के जल्द ठीक होने की कामना करते हुए कहा कि घंटों पीपीई किट पहनकर जिस साहस और मानवीय मूल्यों के साथ डॉक्टरों ने नवजात को बचाने की कोशिश की है, वह काबिले तारीफ है. अन्य डॉक्टरों के लिए ये प्रेरणादायक है.
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