रांची: अपने लिए बन रहे पक्के मकान का गरीब क्यों कर रहे विरोध, पढ़ें

रांची के एचईसी इलाके में लाइटहाउस प्रोजेक्ट का विरोध हो रहा है.

Ranchi News: गरीबों का कहना है कि लाइटहाउस प्रोजेक्ट उन्हें बसाने के लिए नहीं, बल्कि उजाड़ने के लिए किया जा रहा है. इसलिए इसका वे विरोध कर रहे हैं.

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रांची. राजधानी रांची के एचईसी इलाके में बन रहे लाइट हाउस प्रोजेक्ट (Light House Project) का विरोध करते हुए गुरुवार को स्थानीय लोगों ने जोरदार नारेबाजी की. और कार्य बाधित करने की कोशिश की. इसको देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा हल्का बल प्रयोग किया गया. जिसके बाद स्थानीय लोगों ने जमकर आक्रोश हैं. वही लाइट हाउस प्रोजेक्ट शुरू करने से पूर्व इलाके के 18 जगहों की मिट्टी का सैम्पल लेकर उसे लैब भेजा गया है.

गरीबों को पक्का मकान देने के लिए राजधानी रांची में लाइट हाउस प्रोजेक्ट शुरू किया गया है. प्रोजेक्ट शुरू करने से पूर्व इलाके की मिट्टी का सैम्पल लिया गया. जिसको टेस्ट के लिए लैब भेजा गया है.

मामले को लेकर नगरीय प्रशासन विभाग निदेशक विजया जाधव का कहना है कि ये पूरा प्रोजेक्ट इलाके के स्लम में रह रहे लोगों के लिए ही हो रहा है. लाइट हाउस प्रोजेक्ट को लेकर कुछ विरोध भी है. लेकिन प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है.

हालांकि गुरुवार को पुलिस बल प्रयोग के मुद्दे पर कुछ भी बोलने से निदेशक बचती नज़र आईं. वहीं जानकारी के मुताबिक स्थानीय लोगों के द्वारा पत्थरबाजी की बात सामने आई है. जिसके बाद पुलिस के द्वारा बल प्रयोग किया गया. जिसको लेकर जगन्नाथपुर थाने में शिकायत की तैयारी भी की जा रही है.

इलाके के लोगों में रोष
वहीं पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि लाइटहाउस प्रोजेक्ट उन्हें बसाने के लिए नहीं, बल्कि उजाड़ने के लिए किया जा रहा है. इसलिए इसका वे विरोध कर रहे हैं. लेकिन पुलिस के द्वारा उनके प्रदर्शन को दबाने के लिए लाठीचार्ज किया गया. जिसमें कई महिलाओं और युवतियों को चोटें आईं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि लाइटहाउस प्रोजेक्ट में केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से अनुदान दिए जाने के बाद भी लाभुकों को 6 लाख 79 हज़ार रुपए देने होंगे, लेकिन इलाके के ज्यादातर लोग आर्थिक रूप से उतने सक्षम नहीं हैं कि ये रकम दे पाएं.

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