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गंभीर बीमारी से जुझ रहे 8 लाख तक सालाना आयवालों का हेमंत सरकार कराएगी इलाज

Naween Jha | News18 Jharkhand
Updated: February 12, 2020, 11:00 AM IST
गंभीर बीमारी से जुझ रहे 8 लाख तक सालाना आयवालों का हेमंत सरकार कराएगी इलाज
हेमंत सोरेन सरकार ने मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत लाभुकों की आय की सीमा को बढ़ाया है

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि सरकार के इस फैसले से राज्य की 90 फीसदी जनता को कैंसर और किडनी जैसे रोगों का इलाज कराने की सुविधा मिलेगी. एसिड अटैक पीड़ितों के इलाज में खर्च की कोई सीमा नहीं रखी गई है.

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रांची. हेमंत सरकार (Hemant Government) ने राज्य के मध्यम आयवर्ग वालों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा फैसला लिया है. अब सालाना 8 लाख तक कमाने वालों को मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी इलाज योजना (CM Critical Illness Treatment Scheme) का लाभ दिया जाएगा. कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी है. वहीं योजना के तहत किडनी, लीवर से संबंधित बीमारियों को भी गंभीर बीमारियों की सूची में शामिल किया गया है. इन बीमारियों के लिए 5 लाख तक का इलाज किसी भी अनुबंधित अस्पताल में कराया जा सकेगा. एसिड अटैक (Acid Attack) के मामले में सरकार पूरा खर्च खुद उठाएगी.

कैबिनेट सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी इलाज योजना का लाभ लेने के लिए लाभुक की सालाना आय लगातार 3 साल तक 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए. इसके लिए आय प्रमाणपत्र अंचल अधिकारी से लेना होगा. पहले इस योजना के तहत लाभुकों की आय की सीमा मात्र 72 हजार रुपये थी.

चिकित्सा अनुदान के लिए सिविल सर्जन देंगे मंजूरी  

मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी इलाज योजना के तहत कैंसर, किडनी प्रत्यारोपन और गंभीर लीवर रोगों के लिए पांच लाख तक का चिकित्सा अनुदान जिले के सिविल सर्जन स्वीकृत करेंगे. इसके लिए जिला स्तर पर सिविल सर्जन की अध्यक्षता में समिति बनेगी. इसमें विधायक या उनका प्रतिनिधि शामिल होंगे. समिति में पीड़ित के सहायता के लिए आवेदन देना होगा. सिविल सर्जन सीएचएस दर पर अस्पताल से इलाज के खर्च का कोटेशन लेकर राशि की स्वीकृति देंगे. इस समिति की अधिकतम सीमा पांच रुपये तक मंजूर करने की होगी. इलाज में इससे अधिक खर्च होने पर कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी.

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि सरकार के इस फैसले से राज्य की 90 फीसदी जनता को कैंसर और किडनी जैसे रोगों का इलाज कराने की सुविधा मिलेगी. एसिड अटैक पीड़ितों के इलाज में खर्च की कोई सीमा नहीं रखी गई है.

41 बड़े अस्पतालों को किया गया चिह्नित

इस योजना के लिए राज्य के बाहर कुल 41 अस्पतालों को चिह्नित किया गया है. इन अस्पतालों को योजना से जोड़ा जाएगा. इनमें वेदांता मेडिसिटी गुड़गांव, डाइसन हॉस्पिटल कोलकाता, अपोलो कोलकाता, टाटा स्मारक अस्पताल मुंबई समेत देश के सभी चिकित्सा महाविद्यालय और भारत सरकार के सभी चिकित्सा संस्थान शामिल होंगे.ये भी पढ़ें- 28 फरवरी से झारखंड विधानसभा का बजट सत्र, 3 मार्च को पेश होगा बजट

 

 

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First published: February 12, 2020, 10:59 AM IST
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