झारखंड से 'आयुष्मान भारत' की शुरुआत, PM बोले- मिला गरीबों की सेवा का मौका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रांची में दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम ‘आयुष्मान भारत’ की शुरुआत की है. इसके तहत 10 करोड़ परिवारों यानी लगभग 50 करोड़ लोगों को सालाना 5 लाख रुपये का कैशलेस हेल्थ बीमा मिलेगा. आयुष्मान भारत स्कीम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लेटर की बड़ी भूमिका है. दरअसल बात ये है कि, आयुष्मान भारत हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के लाभार्थीयों को मोदी खुद लेटर भेज रहे हैं. इस लेटर के माध्यम से ही इंश्योरेंस की आगे की प्रक्रिया शुरू होगी. इसका मतलब साफ है की जिन लोगों को ये लेटर मिलेगा वही लोग इस स्कीम का फायदा उठा पाएंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रांची में दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम ‘आयुष्मान भारत’ की शुरुआत की है. इसके तहत 10 करोड़ परिवारों यानी लगभग 50 करोड़ लोगों को सालाना 5 लाख रुपये का कैशलेस हेल्थ बीमा मिलेगा. आयुष्मान भारत स्कीम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लेटर की बड़ी भूमिका है. दरअसल बात ये है कि, आयुष्मान भारत हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के लाभार्थीयों को मोदी खुद लेटर भेज रहे हैं. इस लेटर के माध्यम से ही इंश्योरेंस की आगे की प्रक्रिया शुरू होगी. इसका मतलब साफ है की जिन लोगों को ये लेटर मिलेगा वही लोग इस स्कीम का फायदा उठा पाएंगे.

आयुष्मान भारत योजना का शुभांरभ करते हुए पीएम ने कहा कि इस योजना को आने वाले समय में मानवता की बहुत बड़ी सेवा के तौर पर देखा जाएगा.

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को झारखंड की राजधानी रांची से विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना, आयुष्मान भारत के तहत जन आरोग्य योजना का शुभारंभ किया. पीएम ने चाईबासा में 272 करोड़ और कोडरमा में 328 करोड़ की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेजों का भी ऑनलाइन शिलान्यास किया. साथ ही राज्य के 10 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का भी उद्घाटन किया.

इस मौके पर प्रधानमंत्री के हाथों से पांच लाभुकों को योजना का गोल्डन कार्ड दिया गया. इस योजना से देश के 10.74 करोड़ और झारखंड के 57 लाख गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा. वो कैशलेस इलाज करा पाएंगे. आयुष्मान भारत योजना का शुभांरभ करते हुए पीएम ने कहा कि इस योजना को आने वाले समय में मानवता की बहुत बड़ी सेवा के तौर पर देखा जाएगा. उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों ने जो सदियों पहले संकल्प किया था, उसे इस शताबदी में पूरा किया गया.

पीएम ने कहा कि लोग इस योजना को मोदी केयर, गरीबों की योजना जैसे अलग-अलग नामों से पुकार रहे हैं, लेकिन मेरे लिए यह देश के दरिद्र नारायण की सेवा करने का सबसे बड़ा अवसर है. पीएम ने कहा कि यह दुनिया की अपनी तरह की सबसे बड़ी योजना है. इसका फायदा अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की कुल जनसंख्या से ज्यादा लोगों को सीधा मिलने वाला है.



पीएम ने कहा कि दुनिया को इस योजना को बारे में सोचना और समझना पड़ेगा और अपने लिए योजना बनानी पड़ेगी. पीएम ने कहा कि हालांकि योजना का शुभारंभ करते हुए मैं ये कामना करता हूं कि किसी गरीब परिवार के घर में कोई बीमार ना हो, कोई परेशानी ना आए. उन्होंने कहा कि कमाई का ज्यादातर हिस्सा इलाज में चले जाने के कारण लोग गरीबी रेखा के ऊपर नहीं उठ पाते हैं. लेकिन इस देश में गरीबों के नाम पर सिर्फ राजनीति हुई. उनके सशक्तिकरण पर जोर दिया जाता तो आज देश की तस्वीर कुछ और होती. उन्होंने कहा कि देश ने गरीबों के स्वाभिमान को समझने की कोशिश नहीं की. जबकि एशियन गेम्स में देश का नाम रौशन करने वाले गरीब परिवार के ही बेटे-बेटियां हैं.
विपक्ष पर वार करते हुए पीएम ने कहा कि पहले की सरकारों ने केवल राजनीतिक दलों की ताकत को बढ़ाने के लिए सरकारी खजाने को लूटा. सामाजिक विकास के बदले वोट बैंक पर ध्यान दिया. पीएम ने योजना का हेल्प लाइन नंबर 14555 के बारे में बताते हुए कहा कि फिलहाल देश के 13 हजार से ज्यादा अस्पताल से इससे जुड़े हैं. जबकि गांव में सेवा देने वाले अस्पताल को सरकार विशेष मदद देगी. उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत की वजह से देश में अगले तीन साल में ढाई हजार अत्याधुनिक अस्पताल बनने की उम्मीद है. इससे लाखों रोजगार पैदा होंगे. सरकार अगले पांच साल में एक लाख नये डॉक्टर तैयार करने का लक्ष्य रखा है.

मंच पर पीएम के अलावा राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री रघुवर दास, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा व सुदर्शन भगत, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, स्थानीय सांसद रामटहल चौधरी और स्थानीय विधायक राम कुमार पाहन मौजूद रहे. इससे पहले रांची एयरपोर्ट पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने पीएम का स्वागत किया.
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