मूलभूत सुविधाओं के बिना बेहाल हैं शांति बहाल करने वाले

खूंटी में निर्माणाधीन कार्य की सुरक्षा के लिए लगाए गए सुरक्षा  बल को मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं.
खूंटी में निर्माणाधीन कार्य की सुरक्षा के लिए लगाए गए सुरक्षा बल को मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं.

खूंटी में विकास कार्यों से जुड़े निर्माणस्थलों पर तैनात सुरक्षा बलों की स्थिति बेहद खराब है. न तो जवानों के खाना बनाने के कोई व्यवस्था है और न पीने के पानी की सुविधा. और तो और, जवान खुले में शौच करने को विवश हैं.

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खूंटी में विकास कार्यों से जुड़े निर्माणस्थलों पर तैनात सुरक्षा बलों की स्थिति बेहद खराब है. न  तो जवानों के खाना बनाने के कोई व्यवस्था है और न पीने के पानी की सुविधा. और तो और, जवान खुले में शौच करने को विवश हैं.

क्या है मामला

खूंटी के कर्रा में निर्माणाधीन नहर के कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 18 जनवरी की रात उग्रवादियों ने हमला कर दिया था. वहां मौजूद मशीनों एवं गाड़ियों को फूंक दिया था तो अगले ही दिन कंपनी के एक अन्य साइट हाकागोली नदी के पुलिया निर्माण के लिए सैप के जवानों को तैनात कर दिया गया. कार्यस्थलों पर इसके बाद से फिर कोई अन्य घटना नहीं हुई. लेकिन घटनाओं को रोकने के लिए जो जवान पिछले साढे़ तीन महीने से तैनात हैं, उन्हें वहां रहने के लिए मूलभूत सुविधाएं तक नहीं उपलब्ध कराई गई हैं.



खुले में शौच को विवश
आवास के नाम पर बोरों से घिरी महज छह फीट उंची टीन की छप्पर लगाई गई है. सैप इंस्पेक्टर हरदेव सिंह कहते हैं कि पीने के लिए साफ पानी तक नहीं. वहीं खाना भी खुद ही बनाना पड़ता है. नहाने तक की व्यस्था नहीं. खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है. सैप के नायब सूबेदार दिलीप किंडों कहते हैं कि उन्हें स्थानीय पुलिस या प्रशासन से कोई सहयोग नहीं मिलता है. पुलिस अधिकारी आते जरूर हैं लेकिन कंपनी के कर्मियों से मिलकर चले जाते हैं.

खूंटी में महज एक सप्ताह के अंदर दो अलग-अलग कार्यस्थलों पर हमले हुए तो सभी प्रमुख निर्माणस्थलों पर सुरक्षा बलों को तैनात करने का फैसला किया गया था. इसके बाद ऐसे हमले थमे. लेकिन सुरक्षा बलों के तैनात जवानों के मनोबल को बनाए रखने और सुविधा प्रदान करने की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
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