टीनएजर्स को अपराध की दुनिया से दूर रखने के लिए रांची पुलिस ने खोला मॉडर्न बालमित्र थाना, बच्चों की होगी काउंसलिंग

रांची पुलिस ने बच्चों को अपराध की दुनिया से दूर रखने के लिए मॉडर्न बालमित्र थाना खोला है.
रांची पुलिस ने बच्चों को अपराध की दुनिया से दूर रखने के लिए मॉडर्न बालमित्र थाना खोला है.

रांची पुलिस (Ranchi Police) ने टीनएजर्स (Teenagers) को अपराध (Crime) की दुनिया से दूर रखने के लिए मॉडर्न बालमित्र थाना खोला है. इन थानों में बच्चों की काउंसलिंग (Counseling) की जाएगी और उनको अच्छे काम करने के लिए जागरूक किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 22, 2020, 3:52 PM IST
  • Share this:
रांची. अपराध (Crime) की दुनिया की ओर टीन एजर्स (Teen Agers) का आकर्षण  तेजी से बढ़ रहा है, जिसको कम करने के लिए रांची पुलिस (Ranchi Police) ने खास मुहिम शुरू की है. इसके लिए रांची में मॉडर्न बालमित्र थाने (Modern Balamitra Police Station) का शुभारंभ किया गया है. इस बालमित्र थाने में अपराध के रास्ते पर जाने वाले बच्चों को रोकने के लिए यहां परिवार जैसा माहौल दिया जाता है, जिससे कि टीनएजर्स अपराध की दुनिया की ओर आकर्षित ना हों.

बच्चों को अपराध के रास्ते पर बढ़ने से रोकने और अपराध की तरफ झुकाव रखने वाले बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए रांची पुलिस प्रशासन गम्भीर है. कोतवाली थाना परिसर में बने मॉडर्न बालमित्र थाने में बच्चों की काउंसलिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें सही रास्ते पर लाया जा सके. इस बालमित्र थाने को बच्चों के लिहाज से बनाया गया है. पूरे थाना परिसर को कार्टून से सजाया गया है. साथ ही बच्चों को लेकर बने कानून की जानकारी भी थाने की दीवारों पर चस्पा की गई है.

झारखंड: ट्यूशन पढ़ने गई नाबालिग छात्रा से गैंगरेप के बाद हत्या, शव को झाड़ी में फेंका



बच्चों को अपराध की प्रवृति से दूर करने के लिए उठाया कदम 
बालमित्र थाने का उद्घाटन करने के बाद रांची के सीनियर एसपी सुरेंद्र झा ने बताया कि अपराध की राह पर चलने वाले बच्चों को सुधार कर उन्हें मुख्य धारा से जोड़ना ही इस बाल मित्र थाने का उद्देश्य है. ऐसे बच्चों को अपराध की श्रेणी से भी अलग रखा जाएगा. बाल मित्र थानों में बच्चों की काउंसलिंग होगी. यहां बच्चों को घर जैसा माहौल मिलेगा, जिससे बच्चा अपने साथ हुए अन्याय या दुख तकलीफ बिना किसी घबराहट से बता सकेंगे. यहां पर उनकी हर मुश्किलों का पूरा हल किया जाएगा.  उन्होंने बताया कि इस थाने में पुलिसकर्मी सादे लिबास में तैनात रहेंगे.

थाने में इस तरह के होंगे कार्य
- अनजाने में चोरी करने वाले बच्चे को दो से तीन बार समझाया जाएगा.
- इसके बाद भी नहीं मानने पर केस होगा और बाल अपराधी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के निर्णय के बाद बाल सुधार गृह भेजा जाएगा.
- केस के अनुसंधानकर्ता इस तरह केस डायरी लिखेंगे कि बाल अपराधी को कम से कम दिनों के लिए सजा हो.
- शोषण के शिकार बच्चों को यहां पर घर जैसा माहौल दिया जाएगा. आमतौर पर बाल मजदूरी या फिर मानव तस्करों के चुंगल से छुड़ाए गए बच्चों को सीधे सीडब्ल्यूसी या फिर थाने ले जाया जाता है, लेकिन अब वैसे बच्चों को बालमित्र थाना लाया जाएगा और उन्हें वहां परिवार जैसा माहौल में काउंसलिंग कर एक-दो दिनों बाद आश्रय गृह भेजा जाएगा.

सादे लिबास में पुलिस वाले रहेंगे मौजूद
बाल मित्र थाने में चाइल्ड फ्रेंडली माहौल, पुलिसवाले सादे लिबास में रहेंगे. साथ ही ऑन कॉल काउंसलर भी उपलब्ध रहेंगे, पूछताछ या काउंसलिंग के समय बच्चे के साथ अनावश्यक लोग नहीं रहेंगे, स्वास्थ्य, मनोरंजन की भी व्यवस्था रहेगी. बाल मित्र थाने में बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड से संबंधित पद धारकों का नंबर भी अंकित किये गए हैं. गौरतलब है कि बचपन बचाओ आंदोलन' के अंतर्गत ये पुलिस स्टेशन तैयार किए गए हैं. उक्त पुलिस स्टेशन में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चों को तय समय में इंसाफ मिले.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज