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झारखंड में धान खरीद पर रोक से सियासत गर्माई, BJP ने कहा- नमी, धान में नहीं बल्कि सरकार की आंखों में होनी चाहिए!

धान खरीद पर इन दिनों राज्य में सियासत हो रही है.
धान खरीद पर इन दिनों राज्य में सियासत हो रही है.

कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में चल रहे किसान आंदोलन के बीच झारखंड में धान खरीद शुरू नहीं होने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज. BJP ने हेमंत सोरेन सरकार पर धान खरीद में देरी करने का लगाया आरोप.

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रांची. धान में ज्यादा नमी का हवाला देकर सरकार ने जब अगले 15 दिन तक के लिए स्थगित कर दिया तो उस पर राज्य में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया. झारखंड सरकार ने पहले दिसम्बर के पहले सप्ताह से बोनस के साथ 2050 रुपये प्रति क्विन्टल धान खरीद की घोषणा कर रखी थी. इसकी विधिवत शुरुआत भी 3 दिसम्बर से होनी थी. मगर किसान अपनी धान लैम्प्स-पैक्स के धान खरीद केंद्र पर बेच पाते उससे पहले ही राज्य के वित्त और खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव के आदेश से धान में ज्यादा नमी का हवाला देकर धान खरीद को टाल दिया गया.

अब दिल्ली में किसान कानून का विरोध झेल रही भाजपा ने झारखंड सरकार सरकार की आंखों में नमी होने का हवाला देकर राजनीति को गर्मा दिया है. राज्य के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता अमर बाउरी ने सरकार के फैसले को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि जब किसानों के पसीने से उगाई धान को औने-पौने दाम में खरीदने के लिए गांव-गांव व्यवसायी घूम रहे हैं, ऐसे में सरकार ने धान खरीद रोक कर किसान विरोधी काम किया है.

क्या है धान खरीद का नियम
झारखण्ड में स्टेट फ़ूड कारपोरेशन राज्य भर में फैले लैम्प्स -पैक्स के माध्यम से किसानों से सीधे धान खरीद करती है और फिर उसे सरकार द्वारा निर्धारित राइस मिल भेजती है. सामान्यतः धान में 17 फीसदी नमी को सामान्य माना जाता है, पर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री के अनुसार अभी किसानों के पास जो धान है उसमें नमी ज्यादा 17 फीसदी ज्यादा बताया जा रहा है. ऐसा बताकर 15 दिन के लिए धान खरीद को टाल दिया गया है.
भाजपा राजनीति नहीं करे- कांग्रेस


किसान के धान क्रय को स्थगित किये जाने पर जब भाजपा ने हेमन्त सरकार और कांग्रेस को निशाने पर लिया, तो कांग्रेस नेता आलमगीर आलम ने प्रतिक्रिया देने में देर नहीं की. भाजपा के बयान को कोरी राजनीति बताते हुए मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि भाजपा पहले किसान कानून वापस कर यह साबित करें कि वह किसान का हित सोचती है. झारखंड में घड़ियाली आंसू भाजपा किसानों के नाम पर न बहाए.

कृषि विभाग ने दिया भरोसा, निराश न हों अन्नदाता
इधर, धान खरीद पर रोक को राज्य के कृषि सचिव अबु बकर सिद्दीकी ने खाद्य आपूर्ति विभाग का मामला बताया है. उन्होंने कहा कि किसान ज्यादा परेशान न हों, उनकी धान की खरीद जरूर होगी. किसान MSP से कम कीमत पर धान न बेचें. वहीं जानकारी के मुताबिक राज्य के सभी लैम्प्स-पैक्स में धान खरीद की तैयारियां धरी की धरी रह गयी हैं. मगर अभी तक लैम्प्स के पास धान खरीद रोकने का कोई लिखित आदेश नहीं आया है. नामकुम लैम्प्स के प्रबंधक नीरज कुमार ने कहा कि हमारी ओर से सभी तैयारियां पूरी हैं और आदेश मिलते ही धान क्रय शुरू हो जाएगा. धान खरीद के 3 दिन के अंदर किसानों के खाते में आधी रकम चली जाएगी.
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