सीएम हेमंत सोरेन के लिए खरीदी गई BMW पर सियासत तेज, BJP ने उठाए ये सवाल

कोरोना की रफ्तार पूरे राज्‍य में बढ़ रही है ऐसे में BMW की खरीद ने विपक्ष को हेमंत सोरेन के खिलाफ मुद्दा दे दिया है
कोरोना की रफ्तार पूरे राज्‍य में बढ़ रही है ऐसे में BMW की खरीद ने विपक्ष को हेमंत सोरेन के खिलाफ मुद्दा दे दिया है

कोरोना संकट के समय झारखंड सरकार द्वारा BMW की खरीद को लेकर सियासत तेज हो गई. विपक्ष को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) को घेरने का एक मौका मिल गया है.

  • Share this:
रांची. झारखंड सरकार (Government of Jharkhand) द्वारा BMW कार की खरीद को लेकर सियासत गर्म हो गई है. भाजपा (BJP) के आरोप हैं कि कोरोना काल (Corona crisis) में जब सरकार का खजाना खाली है ऐसे में प्रदेश के मुखिया अपना मंहगा शौक पूरा कर रहे हैं. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने सीएम सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि संक्रमण काल में मुख्यमंत्री को गरीबों को अनाज उपलब्ध कराने और केंद्र सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने पर ध्यान देना चाहिए न कि 68 लाख की बीएमडब्ल्यू कार खरीदने पर.

सियासी स्टंट
झारखंड में कोरोना काल में खाली खजाना और ऐसी हालत में मुख्यमंत्री के लिए बीएमडब्ल्यू कार का आना विपक्ष के लिए एक सियासी स्टंट बनता जा रहा है. बीजेपी ने मुख्यमंत्री को निशाने पर लेते हुए कहा कि सरकार एक तरफ खाली खजाने की बात करती है तो दूसरी तरफ महंगी बीएमडब्ल्यू कार पर चढ़ने का शौक रखती है. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि संक्रमण काल में मुख्यमंत्री को गरीबों को अनाज उपलब्ध कराने और केंद्र सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने पर ध्यान देना चाहिए.

जेएमएम का पलटवार
वहीं विपक्ष के इस आरोप पर बौखलाए जेएमएम ने भी पलटवार किया. सत्ताधारी पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि बीएमडब्ल्यू पर सवाल उठाने वालों को पिछली सरकार में छह पजेरो वाहनों की खरीद पर भी जवाब देना चाहिए. पार्टी ने यह भी तर्क रखा कि एमवीआई ने सीएम की वर्तमान गाड़ी को असुरक्षित बताया था. मनोज पांडे ने कहा कि पिछली सरकार में गाड़ियां पुरानी भी नहीं पड़ी थी लेकिन कारकेड के लिए 6 पजेरो खरीद ली गईं उसका जवाब विपक्ष को पहले देना चाहिए.



ये भी पढ़ें- लखीसराय लूट कांड का हैरान करने वाला खुलासा, कर्ज में डूबे पिता ने बेटे के साथ मिलकर रची थी साजिश

बहरहाल मामला पूरा सियासी हो चला है. वर्तमान सरकार की बीएमडब्ल्यू और पिछली सरकार की पजेरो के बीच जानता के मुद्दे नदारद हैं. आरोप-प्रत्यारोप BMW और पजेरो पर शिफ्ट हो गए हैं. राजनीतिक पंडित मामले पर चुटकी लेते हुए कह रहे हैं कि 'शुक्र है दोनों ही गाड़ियां साउंडलेस हैं. लिहाजा सत्ता पक्ष और विपक्ष को एक-दूसरे के आरोपों को सुनने में परेशानी नहीं होगी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज