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बेटियों की सफलता में भारत के सुनहरे भविष्य की झलक: राष्ट्रपति
Ranchi News in Hindi

Naween Jha | News18 Jharkhand
Updated: February 28, 2020, 9:56 PM IST
बेटियों की सफलता में भारत के सुनहरे भविष्य की झलक: राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ने कहा कि छात्रा यदि पढ़कर अच्छा इंसान बनती है, तो वह अच्छी पुत्रवधु और सास बनेगी.

राष्ट्रपति ने साइंस-टेक्नोलॉजी में बेटियों के पीछे रहने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि छात्राओं को इस जुड़ी केंद्र की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ लेना चाहिए.

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रांची. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री लेना नहीं, बल्कि एक अच्छा इंसान बनाना है. एक छात्र अच्छा इंसान बनेगा, तो वह अच्छा अध्यापक या डॉक्टर बनेगा. अगर सामाजिक नेता भी बनता है, तो अच्छा सामाजिक नेता बनेगा. छात्रा यदि पढ़कर अच्छा इंसान बनती है, तो वह अच्छी पुत्रवधु और सास बनेगी. रांची के मनातू स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड (CUJ) के पहले दीक्षांत समारोह (Convocation) में राष्ट्रपति बतौर मुख्य अतिथि शरीक हुए. समारोह में उनके अलावा उनकी पत्नी, राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu), सीयूजे के चांसलर जस्टिस वीएन खरे भी शामिल हुए. राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय के एकेडमिक भवन का भी उद्घाटन किया.

राष्ट्रपति ने 10 छात्रों को दिया गोल्ड मेडल

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने समारोह में 10 छात्रों को गोल्ड मेडल दिया. समारोह में 96 टॉपर्स में से 18  को गोल्ड मेडल दिया गया. 8 टॉपर्स को सीयूजे के चांसलर जस्टिस वीएन खरे ने गोल्ड मेडल दिया. समारोह में कुल 596 पास आउट छात्रों को उपाधि दी गई. इसमें पीजी के 493 और यूजी के 103 विद्यार्थी शामिल थे.



साइंस-टेक्नोलॉजी में बेटियों के पीछे रहने पर जताई चिंता



गोल्ड मेडल पाने वाले 96 विद्यार्थियों में 64 बेटियों के होने पर खुशी जाहिर करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह भारत के सुनहरे भविष्य की झलक है. हालांकि उन्होंने साइंस-टेक्नोलॉजी में बेटियों के पीछे रहने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि छात्राओं को इस जुड़ी केंद्र की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ लेना चाहिए.

उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद


विश्वविद्यालयों से गांवों को गोद लेने की अपील 

राष्ट्रपति ने झारखंड में 26 फीसदी जनजातीय आबादी का जिक्र करते हुए उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों से इनके विकास के लिए काम करने की अपील की. साथ ही विश्वविद्यालयों से सीएसआर की तर्ज पर यूनिवर्सिटी सोशल रिस्पोंसिबिलिटी फंड स्थापित कर गांवों को गोद लेने की भी अपील की. उन्होंने इसपर संतोष जताया कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड ने पास के पांच गांवों को गोद लिया है. इन गांवों के बच्चों को पढ़ाने तथा फ्री शिक्षण सामग्री देने का बीड़ा उठाया है.

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First published: February 28, 2020, 9:55 PM IST
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