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अपना कार्यकाल पूरा करने वाले झारखंड के पहले सीएम बने रघुवर दास

News18 Jharkhand
Updated: November 1, 2019, 9:21 PM IST
अपना कार्यकाल पूरा करने वाले झारखंड के पहले सीएम बने रघुवर दास
रघुबर दास पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं.

2014 में भी सूबे में पांच फेज में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) संपन्न हुए थे. जिसके बाद 28 दिसंबर, 2014 को रघुवर दास (Raghuvar Das) ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. वे सूबे के पहले गैर-आदिवासी मुख्यमंत्री (First Non-Tribal Chief Minister) भी बने.

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रांची. झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Election) की घोषणा के साथ ही रघुवर दास (Raghuvar Das) सूबे के पहले ऐसे मुख्यमंत्री (Chief Minister) बन गए हैं, जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया है. इस मौके पर न्यूज़-18 से खास बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी, आजसू के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ेगी. दोनों का सियासी रिश्ता काफी पुराना रहा है. सीट शेयरिंग पर जल्द ही आजसू के साथ बात होगी. सीएम ने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा से झारखंड की राजनीति अलग है. इसलिए यहां के नतीजे भी अलग होंगे.





पांच फेज में होंगे विधानसभा चुनाव 

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झारखंड में 81 सीटों पर पांच फेज में विधानसभा चुनाव होंगे. यह 30 नवंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगा. 23 दिसंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे. 2014 में भी सूबे में पांच फेज में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए थे. जिसके बाद 28 दिसंबर, 2014 को रघुवर दास ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. वे सूबे के पहले गैर-आदिवासी मुख्यमंत्री भी बने. जनजातीय बहुल राज्य झारखंड की 81 विधानसभा सीटों में से 28 अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं.




बाबूलाल मरांडी थे पहले सीएम 





बिहार से अलग होकर साल 2000 में झारखंड अलग राज्य बना. बीजेपी के बाबूलाल मरांडी यहां के पहले मुख्यमंत्री बने. लेकिन मार्च 2003 यानी दो सालों में ही उन्होंने कुर्सी छोड़नी पड़ी. उनके बाद अर्जुन मुंडा सीएम बने. वे 2005 में पहले विधानसभा चुनाव तक लगभग दो साल तक इस पद पर रहे. 2005 के चुनाव में बीजेपी 30 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. जबकि जेएमएम को 17, कांग्रेस को 9, राजद को 7 और जेडीयू को 6 सीटें मिली थीं. जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन मुख्यमंत्री बने. लेकिन बहुमत साबित नहीं कर पाने के चलते उन्होंने मात्र 10 दिनों में ही कुर्सी छोड़नी पड़ी. इसके बाद भाजपा के अर्जुन मुंडा दूसरी बार सीएम बने और 6 सितंबर 2006 तक इस पद पर बने रहे.






2006 में मधु कोड़ा को मिला सीएम बनने का मौका





अर्जुन मुंडा के बाद निर्दलीय विधायक मधु कोड़ा को मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला. लेकिन उन्हें भी दो साल बाद अगस्त, 2008 में इस्तीफा देने पड़ा. 2008 से 2010 के बीच शिबू सोरेन दो बार सीएम बने और दो बार राष्ट्रपति शासन लागू हुआ. 2009 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और जेएमएम को 18-18 सीटें हासिल हुईं, जबकि कांग्रेस को 14 सीटें और जेवीएम को 11 सीटों पर जीत मिलीं. राष्ट्रपति शासन के बाद अर्जुन मुंडा तीसरी बार सीएम बने. और 2 साल और 4 महीने के लिए जनवरी 2013 तक इस पद पर बने रहे. जुलाई 2013 में तीसरी बार राष्ट्रपति शासन हटने के बाद हेमंत सोरेन सीएम बनाये गये और 2014 के विधानसभा चुनाव तक सीएम रहे.






2014 में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला





2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 37 सीटों पर जीत हासिल हुई. बाद में जेवीएम के 6 विधायक भी बीजेपी में शामिल हो गये. सहयोगी आजसू को भी पांच सीटों पर जीत मिली. दूसरी ओर जेएमएम को 19, जेवीएम को 8 और कांग्रेस को 6 सीटें मिली थीं.







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First published: November 1, 2019, 8:12 PM IST
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