छठी जेपीएससी रिजल्ट रद्द मामले में पूर्व सीएम रघुवर दास ने की सीबीआई जांच की मांग

रघुवर दास ने हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नियोजन वर्ष में नियोजन पर आफत है. (फाइल फोटो)

रघुवर दास ने हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नियोजन वर्ष में नियोजन पर आफत है. (फाइल फोटो)

पूर्व सीएम रघुवर दास (Raghuvar Das) ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा मेरिट लिस्ट को रद्द कर नई मेरिट लिस्ट बनाने का निर्देश दिया गया है. इसकी वजह से कई सफल अभ्यर्थी फेल हो सकते हैं. ऐसे में कई नवनियुक्त अधिकारियों की नौकरी जा सकती है.

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रांची. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने छठी जेपीएससी के मामले हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि खतियान के आधार पर नियोजन नीति बनाने का झूठा वादा कर चुनकर आयी झामुमो-कांग्रेस की सरकार ने उनकी सरकार द्वारा आदिवासियों-मूलवासियों के लिए बनायी गयी हितकारी नियोजन नीति को नहीं बचा सकी. नई नियोजन नीति बनाने के लिए यह सरकार ने कुछ नहीं किया. सरकार ने वर्ष-2021 को नियुक्ति वर्ष घोषित किया है, लेकिन सरकार के निक्कमेपन की वजह से कई नियुक्यिां खत्म होने जा रही है.

रघुवर दास ने कहा कि जानकारी के छठी जेपीएससी में पेपर-1, जो हिन्दी-अंग्रेजी का पत्र था, उसके अंक मेरिट के अंक में जोड़ दिए गए, जिससे झारखंड के हिन्दी भाषी/मूलवासी लोगों को नुकसान हुआ. कोर्ट ने सरकार की इस गलती को पकड़कर हिन्दी भाषी/मूलभाषी अभ्यर्थियों के साथ होने वाले अन्याय से उन्हें बचाया.

उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा मेरिट लिस्ट की गड़बडिय़ों को दूर कर नयी मेरिट लिस्ट बनाने का जो निर्देश दिया गया है उसकी वजह से कई सफल अभ्यर्थी बाहर हो सकते हैं. कई नवनियुक्त अधिकारियों की नौकरी खत्म हो सकती है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कोर्ट द्वारा दोषियों को चिह्नित कर जो कार्रवाई करने का आदेश दिया है, उसका स्वागत किया और सरकार से कहा कि वह इस मामले की सीबीआई से जांच क्यों नहीं करवा लेती है. ताकि यह पता चले कि इन गलतियों/ गड़बड़ियों के पीछे किसका फायदा निहित था.
उन्होंने कहा कि राज्य में 90 हजार शिक्षकों के पद खाली हैं. इन्हें भरने की प्रक्रिया भी यथाशीघ्र शुरू की जानी चाहिए. इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सकेगा. केंद्र सरकार ने हाल ही में योग्यता परीक्षा के लिए समयावधि की बाध्यता को समाप्त कर इसे जीवनपर्यंत कर दिया है. ऐसे में झारखंड सरकार भी इस निर्णय को तुरंत लागू करे.

रघुवर दास ने कहा कि पारा शिक्षक भी अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं. हमारी सरकार ने पारा शिक्षकों के लिए एक कमेटी बनाकर नियमावली तैयार की थी, जिसमें पारा शिक्षक संघ की भी सहमति थी. इसे भी वर्तमान सरकार कैबिनेट में लाकर तुरंत लागू करे. इससे बड़ी संख्या में पारा शिक्षकों को राहत मिलेगी.

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