झारखंड के आसमान में दिखा अद्भुत नजारा, सूर्य के चारों ओर सतरंगा घेरा, सेल्फी के लिए उमड़े लोग

इस अद्भुत नजारे को मोबाइल में कैद करने के लिए लोगों में होड़ लग गई.

इस अद्भुत नजारे को मोबाइल में कैद करने के लिए लोगों में होड़ लग गई.

Rainbow Ring around Sun: वैज्ञानिकों के मुताबिक यह एक सामान्य परिघटना है. सूर्य की रोशनी तेज होने के साथ ही इसका प्रभाव कम होता जाता है. सूर्य की किरणें जितनी कमजोर होती जाती हैं, यह छल्ला उतना ही सतरंगा दिखाई पड़ता है.

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रांची. झारखंड के आसमान में सोमवार को अद्भुत नजारा देखने को मिला. सूर्य के चारों ओर सात रंगों वाला घेरा बना दिखाई दिया. इसे आम बोलचाल की भाषा में मंडल कहते हैं. यह घेरा शुरुआत में सूर्य के करीब था, लेकिन धीरे-धीरे यह बड़ा होता चला गया. इस अद्भुत आसमानी नजारे को अपने मोबाइल में कैद करने के लिए लोगों में होड़ मच गई. खासकर युवा को काफी उत्साहित देखा गया.

वैज्ञानिकों के मुताबिक यह एक सामान्य परिघटना है. सूर्य की रोशनी तेज होने के साथ ही इसका प्रभाव कम होता जाता है. सूर्य की किरणें जितनी कमजोर होती जाती हैं, यह छल्ला उतना ही सतरंगा दिखाई पड़ता है. जैसे-जैसे सूर्य की किरणें तेज होती जाती हैं, वैसे -वैसे छल्ला सफेद या रंगहीन होने लगता है. यह वैज्ञानिक घटना है. चंद्रमा के आसपास भी ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन उस पर उतना ध्यान नहीं जाता.

क्या है कारण?

धरती से 20,000 फीट की ऊंचाई पर आसमान में बहुत ही पतले बादल तैर रहे होते हैं. इनके भीतर बर्फ के लाखों टुकड़े छिपे होते हैं. इन पतले बर्फीले बादलों को साइसर क्लाउट कहा जाता है. प्रकाश के परावर्तन यानी रिफ्लेक्शन के कारण ही सूर्य के चारों ओर छल्ले का निर्माण होता है. खगोल विज्ञान में इसे ‘22 डिग्री सर्कुलर हलो’ कहते हैं. ऐसा तब होता है जब सूर्य या चंद्रमा की किरणें बादलों में मौजूद षट्कोणीय बर्फ क्रिस्टलों से अपवर्तित होती हैं. यह हाई क्लाउड से बनाता और बारिश का सूचक होता है.
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