आईआईएम रांची के दीक्षांत समारोह में राजनाथ बोले - सफलता का रास्ता असफलता की गलियों से गुजरता है

कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार आईआईएम रांची का दीक्षांत समारोह ऑनलाइन आयोजित किया गया था. (राजनाथ की फाइल फोटो)

कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार आईआईएम रांची का दीक्षांत समारोह ऑनलाइन आयोजित किया गया था. (राजनाथ की फाइल फोटो)

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि, यह संस्थान हार्ड वर्क (Hard work), ऑनेस्टी (Honesty) और ह्यूमैनिटी (Humility) से राष्ट्र निर्माण में जो योगदान दे रहा है, वह सराहनीय है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 28, 2020, 4:56 PM IST
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रांची. आईआईएम रांची (IIM Ranchi) का नौवां दीक्षांत समारोह (convocation) वर्चुअल रूप में मनाया गया. दीक्षांत समारोह को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defense Minister Rajnath Singh) ने संबोधित किया. आईआईएम के तीन विभागों से टॉप 5 स्टूडेंट्स यानी सभी 15 स्टूडेंट्स को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मेडल प्रदान किया गया. साथ ही 272 विद्यार्थियों के बीच डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किया किया गया.

इस मौके पर रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि, यह संस्थान हार्ड वर्क (Hard work), ऑनेस्टी (Honesty) और ह्यूमैनिटी (Humility) से राष्ट्र निर्माण में जो योगदान दे रहा है, वह सराहनीय है. रक्षा मंत्री ने कहा कि हमें यह समझना होगा कि सफलता तक पहुंचने का रास्ता अक्सर असफलता की गलियों से ही गुजरता है. दुनिया में कोई भी सफल व्यक्ति ऐसा नहीं होगा जिसने कभी असफलता का सामना न किया हो. क्या आप सोच सकते हैं कि एक ऐसा व्यक्ति जिसके पास रहने के लिए कमरा नहीं था और इसलिए वो दोस्तों के घर पर फर्श पर सोता था, वो व्यक्ति दुनिया की सबसे सफल मोबाइल और कम्प्यूटर कंपनी का संस्थापक बन सकता है.

कोरोना के कारण सांकेतिक रूप से वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस दीक्षांत समारोह में आईआईएम  रांची के प्रोफेसर और कर्मी मौजूद थे. छात्रों को ऑनलाइन लिंक भेजकर इस समारोह में शामिल होने को कहा गया था. मेडल और डिग्री पानेवाले विद्यार्थी घर से दीक्षांत समारोह में ऑनलाइन शामिल हुए. IIM रांची के निदेशक प्रो. शैलेंद्र सिंह ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह पिछले मार्च में ही आयोजित होना था, मगर कोरोना के कारण यह नहीं हो पाया था.

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