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बड़ी खबर: राज्यसभा चुनाव 2016 हॉर्स ट्रेडिंग मामला- वॉयस सैंपल, डिवाइस फॉरेंसिक जांच को कोर्ट से मिली अनुमति

बड़ी खबर: राज्यसभा चुनाव 2016 हॉर्स ट्रेडिंग मामला- वॉयस सैंपल, डिवाइस फॉरेंसिक जांच को कोर्ट से मिली अनुमति

झारखंड राज्यसभा हॉर्स ट्रेडिंग केस में कोर्ट का अहम 
आदेश (प्रतीकात्मक तस्वीर)

झारखंड राज्यसभा हॉर्स ट्रेडिंग केस में कोर्ट का अहम आदेश (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Rajya Sabha lections 2016 Horse Trading Case: भारत निर्वाचन आयोग ने सुनवाई के बाद 2017 में ही हॉर्स ट्रेडिंग मामले में धारा 171बी व 171सी भारतीय दंड विधान के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम भी लगाने का आदेश दिया था. तब राज्य में रघुवर दास के नेतृत्व में एनडीए की सरकार थी.

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रांची. राज्यसभा चुनाव 2016 हॉर्स ट्रेडिंग मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है. रांची पुलिस के आवेदन को एसीबी स्पेशल कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है. इसके साथ ही वॉयस सैंपल, डिवाइस की फॉरेंसिक जांच की कोर्ट से अनुमति मिल गी है. फॉरेंसिक जांच के बाद केस से जुड़े पहलू सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है. बता दें कि ऑडियो- वीडियो वायरल होने के बाद बाबूलाल मरांडी ने चुनाव आयोग से शिकायत कर जांच की मांग की थी. तब बाबूलाल मरांडी जेवीएम के अध्यक्ष थे. इसमें आरोप लगाया गया था कि बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान के लिए रिश्वत देने की कोशिश की गई थी.  अनुराग गुप्ता और अजय कुमार पर रिश्वत देने की कोशिश का आरोप लगाया गया था.

बता दें कि राज्यसभा चुनाव 2016 में हॉर्स ट्रेडिंग के मामले में दर्ज केस में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, विशेष शाखा के एडीजी अनुराग गुप्ता व रघुवर दास के सलाहकार रहे अजय कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जोड़ने के लिए अनुसंधानकर्ता ने कोर्ट में आवेदन दिया था. उक्त केस जगन्नाथपुर थाने में 29 मार्च 2018 को दर्ज हुआ था.

हॉर्स ट्रेडिंग मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) जोड़ने का आदेश भारत निर्वाचन आयोग का ही था. भारत निर्वाचन आयोग ने सुनवाई के बाद 2017 में ही हॉर्स ट्रेडिंग मामले में धारा 171बी व 171सी भारतीय दंड विधान के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम भी लगाने का आदेश दिया था. तब राज्य में रघुवर दास के नेतृत्व में एनडीए की सरकार थी.

उस वक्त सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम लगाने की अनुमति नहीं दी थी. 29 मार्च 2018 को केवल तत्कालीन एडीजी अनुराग गुप्ता व मुख्यमंत्री के सलाहकार अजय कुमार के खिलाफ जमानतीय धारा 171बी व 171सी में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

गौरतलब है कि राज्य में हेमंत सोरेन की सरकार बनने के बाद इस केस में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया था. इसके बाद रांची पुलिस ने लीगल ओपिनियन लेने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम लगाने के लिए सरकार से अनुमति ली थी.

Tags: Jharkhand news, Ranchi news

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