पूर्व सीएम रघुवर दास और ADG अनुराग गुप्ता की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रहीं, जानिए पूरा मामला

राज्यसभा 2016 हॉर्स ट्रेडिंग मामले में पूर्व सीएम रघुवर दास, उनके प्रेस सलाहकार अजय कुमार और एडीजी अनुराग गुप्ता की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं.

राज्यसभा 2016 हॉर्स ट्रेडिंग मामले में पूर्व सीएम रघुवर दास, उनके प्रेस सलाहकार अजय कुमार और एडीजी अनुराग गुप्ता की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं.

राज्यसभा 2016 हॉर्स ट्रेडिंग मामले में पूर्व सीएम रघुवर दास और एडीजी अनुराग गुप्ता की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. सिविल कोर्ट ने पीसी एक्ट लगाने के मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.

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रांची. राज्यसभा 2016 हॉर्स ट्रेडिंग (Rajya Sabha 2016 Horse Trading) मामले में पूर्व सीएम रघुवर दास (EX cm raghuvar das),  उनके प्रेस सलाहकार अजय कुमार और एडीजी अनुराग गुप्ता की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. सिविल कोर्ट ने पीसी एक्ट लगाने के मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट अगर इस मामले में प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट (Prevention of Corruption Act) लगाने का फैसला सुनाता है. तब इस मामले की जांच पीसी एक्ट के तहत होगी. और दोषी पाये जाने पर पीसी एक्ट के तहत ही कार्रवाई भी होगी.

मामला राज्यसभा 2016 हॉर्स ट्रेडिंग का है. जब बड़कागांव की तत्कालीन विधायक निर्मला देवी ने रांची के जगन्नाथपुर थाने में मामला दर्ज कराया था. अपने बयान में पूर्व विधायक ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, उनके प्रेस सलाहकार अजय कुमार और एडीजी अनुराग गुप्ता पर राज्यसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने के बदले पैसे की पेशकश करने का आरोप लगाया था. साथ ही बीजेपी में शामिल होने का भी दबाव बनाया था. इस मामले में एक ऑडियो और वीडियो भी वायरल हुआ था. जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने इसको लेकर चुनाव आयोग में शिकायत की थी. जिसके बाद जांच में मामला सही पाये जाने पर राज्य सरकार को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया था. जिसके बाद जगन्नाथपुर थाने में  29 मार्च 2018 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी.

आइये जानते हैं प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट क्या है?

दरअसल जगन्नाथपुर थाने में कांड संख्या 154/ 2018  के तहत अनुसंधानकर्ता की ओर से पीसी एक्ट की धारा 13 और इसकी संख्या 1 डी को जोड़ने का आवेदन दिया गया है. पीसी एक्ट यानि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13 में प्रावधान है कि लोक सेवक आपराधिक अवचार के अपराध करने वाला कहा जाता है.
A. यदि वह भ्रष्ट या अवैध साधनों के लिए अपने लिए या फिर किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई मूल्यवान वस्तू या धन संबंधी लाभ अभिप्राप्त करता है.

B. लोक सेवक के रूप में अपनी स्थिति का दुरुपयोग करके अपने लिए या किसी अन्य व्यक्ति के लिए मूल्यवान वस्तू या धन संबंधी लाभ अभिप्राप्त करता है.

C. लोक सेवक के पद पर रहते हुए किसी लोक रूचि के बिना किसी व्यक्ति के लिए मूल्य वस्तू या धन संबंधी अधिप्राप्त करता है.



कोई लोकसेवक जो आपराधिक अवचार करेगा. उसे ऐसे अवधि के कारावास से दंडित किया जाएगा. जिसमें कारावास चार वर्ष से कम की नहीं होगी. किंतू जो दस वर्ष तक की हो सकेगी. और जुर्माने से भी दंडनीय किया जा सकेगा.

कोर्ट का फैसला आने के बाद रांची के जगन्नाथपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी में प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट यानि भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम से जुड़ी धाराएं जुड़ जाएंगी. कोर्ट के आदेश के बाद ही इस केस में पीसी एक्ट का मामला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में जाएगा. दरअसल जगन्नाथपुर थाने में एडीजी अनुराग गुप्ता, रघुवर दास के प्रेस सलाहकार अजय कुमार को हॉर्स ट्रेडिंग मामले में आरोपी बनाया गया था. बाद में जांच के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का भी नाम सामने आया था. दरअसल पीसी एक्ट किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं लगेगा बल्कि इस केस में जुड़ेगा. अब पीसी एक्ट जुड़ने के बाद जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ पीसी एक्ट में ही कार्रवाई होगी.

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