रांची: कोरोना मरीज ने रिम्स में की आत्महत्या, जानें अब तक कितने Covid-19 संक्रमितों ने की खुदकुशी
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रांची: कोरोना मरीज ने रिम्स में की आत्महत्या, जानें अब तक कितने Covid-19 संक्रमितों ने की खुदकुशी
झारखंड में कोरोना से होने वाली मौतें राष्ट्रीय औसत से भी कम सिर्फ 1.04 % है. (सांकेतिक तस्वीर)

झारखंड में कोरोना से होने वाली मौतें राष्ट्रीय औसत से भी कम सिर्फ 1.04 % है. बावजूद इसके इस बीमारी का खौफ इतना है कि अभी तक कई कोरोना संक्रमितों ने आत्महत्या (Suicide) कर ली है.

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रांची. झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) में एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां कोरोना पॉजिटिव (Corona positive) एक युवक ने फांसी लगा कर आत्महत्या (Suicide) कर ली. इस घटना से पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया. वहीं, पुलिस प्रशासन भी सकते में आ गया है. जानकारी के मुताबिक, मामला रांची स्थित रिम्स का है. कहा जा रहा है कि रिम्स (Rims) के कोविंड सेंटर में कोरोना संक्रमित युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है. रिम्स के अधीक्षक डॉ. विवेक कश्यप के अनुसार, युवक पहले से क्रोनिक, किडनी डिजीज यानि CKD का मरीज था. इसलिए उसे ग्राउंड फ्लोर पर ही बेड दिया गया था. वहीं, सीसीटीवी में घटना की पूरी रिकॉर्डिंग मिली है. कहा जा रहा है कि युवक ने शनिवार अहले सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या की है. आत्महत्या करने वाला कोरोना पॉजिटिव मरीज गढ़वा का रहने वाला था. वह कोरोना का इलाज करने अकेले ही रांची आया था. घटना के बाद पुलिस ने गढ़वा में उसके परिवार के लोगों को सूचना दे दी है.

कोरोना के खौफ में इससे पहले भी कई लोग कर चुके हैं आत्महत्या
झारखंड में कोरोना से होने वाली मौतें राष्ट्रीय औसत से भी कम सिर्फ 1.04 % है. बावजूद इसके इस बीमारी का खौफ इतना है कि आज की घटना से पहले भी राज्य में कई लोग आत्महत्या कर चुके हैं. बीते जून महीने में एक व्यक्ति ने मेडिकल जांच में फीट होने के बाद भी कोरोना ट्रामा  के चलते सडन कार्डियक अरेस्ट का शिकार हो गया था और उसकी मौत हो गई थी.

कब - कब  कोरोना के खौफ के चलते दी जान
20 अप्रैल- गिरिडीह के बिरनी क्षेत्र के बैदापहरी में 28 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध हालत में रस्सी से लटका मिला था. अंग्रेजी के शिक्षक मृतक सुरेश पंडित के का सुसाइड नाेट भी मिला था. जिसमें उसने  बीमारी का जिक्र किया था. और लिखा था कि जब तक  बीमारी का पूरी तरह एहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी.



21अप्रैल-  रांची के जोड़ा तालाब रोड स्थित लेक व्यू अस्पताल में क्वारंटाइन युवक मंगल कच्छप ने छत से कूद कर जान दे दी थी.
22 अप्रैल- क्वारंटाइन सेंटर,पलामू  में एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर जान दे दी थी.
9 जून-  सदर अस्पताल लोहरदगा के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती एक कोरोना मरीज ने फांसी लगाकर जान दे दी थी.
15 अगस्त-  रामगढ़ के कोविड-19 हॉस्पिटल में छत से कूदकर एक कोरोना मरीज की आत्महत्या करने की खबर मिली थी.
22 अगस्त- रिम्स कोविड-19 सेंटर में कोरोना पॉजिटिव 32 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी.

 कोरोना मरीजों को काउन्सलिंग की जरूरत
रिम्स कोरोना सेंटर में घटी घटना को दुःखद बताते हुए रिम्स के अधीक्षक ने कहा कि कोरोना से लगभग सभी मरीज ठीक हो जाते हैं.  राज्य में 100 कोरोना मरीजों में 1 की मौत हो रही है. इसलिए इससे घबराने की जरूरत नहीं है. इसके लिए अब रिम्स इस प्रयास में है कि जो भी मरीज स्क्रीनिंग के लिए रिम्स आते हैं उनका स्क्रीनिंग के साथ- साथ काउन्सलिंग भी हो, ताकि उनमें बीमारी पर जीत का भरोसा जागे और वह आत्महत्या की बात न सोचें.
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