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रांची के गोपालकों के बीच गुजरात के गिर गायों को पालने का बढ़ा प्रचलन, दूध के बेमिसाल फायदे

रांची के गोपालकों के बीच गुजरात के गिर गायों को पालने का बढ़ा प्रचलन, दूध के बेमिसाल फायदे

गुजरात के गिर गायों को पालना काफी मंहगा है बावजूद इसके रांची के कई गोपालक इन्हें अपने फार्म हाउस में रख कर पालते हैं

गुजरात के गिर गायों को पालना काफी मंहगा है बावजूद इसके रांची के कई गोपालक इन्हें अपने फार्म हाउस में रख कर पालते हैं

Jharkhand News: रांची में कुछ बड़े गोपालक अपने फार्म हाउस में गिर गायों का प्रजनन भी कराते हैं. इन गिर गायों की कीमत 80 हजार से लेकर सात लाख रुपये तक होती है. स्थानीय बाजारों में इनका दूध 150 रुपये प्रति लीटर के भाव से बिकता है. गिर गाय एक दिन में लगभग नौ किलो दूध देती है. इनकी दूध में पौष्टिकता के साथ-साथ शरीर में इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाने की ताकत है

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  • News18Hindi
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रांची. झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) में गोपालन और डेयरी (Dairy) के क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में नयी क्रांति देखने को मिल रही है. आम तौर पर देसी गाय, फ्रीजन और साहिवाल गाय पाली जाने वाली रांची में अब गुजरात (Gujarat) के गिर गायों को पालने का प्रचलन तेजी से बढ़ा है. कोरोना काल (Corona Virus) में यहां के गोपालकों में गिर गायों को पालने की ललक बढ़ी है. हालांकि गिर गाय (Gir Cow) महंगी होने की वजह से कम ही लोग इसे पालने की हिम्मत जुटा पाते हैं. रांची के धुर्वा डैम इलाके में सैंबो के निवासी मिथिलेश कुमार ने 65 गिर गायों को पाला है. उनकी मानें तो वर्ष 2016 में उन्होंने गुजरात से 20 गिर गायों को मंगवाया था. लेकिन अब उन गायों की संख्या बढ़कर 65 हो गयी है.

दरअसल रांची में कुछ बड़े गोपालक अपने फार्म हाउस में गिर गायों का प्रजनन भी कराते हैं. इन गिर गायों की कीमत 80 हजार से लेकर सात लाख रुपये तक होती है. स्थानीय बाजारों में इनका दूध 150 रुपये प्रति लीटर के भाव से बिकता है.

दूध में पौष्टिकता और शरीर में इम्यूनिटी सिस्टम बढ़ाने की ताकत 

सहयोगी गोपालक कोमल किशोर बताते हैं कि गिर गाय एक दिन में लगभग नौ किलो दूध देती है. इनकी दूध में पौष्टिकता के साथ-साथ शरीर में इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाने की ताकत है. हालांकि वो मानते हैं कि शांत और दोस्ताना स्वभाव की गिर गायों को पालना थोड़ा मुश्किल होता है. इसकी वजह है कि इन्हें पालने के दौरान साफ-सफाई, वैक्सीनेशन और खान-पान का विशेष ध्यान रखता होता है. गिर गाय देखने में काफी खूबसूरत और तंदुरूस्त होती है. हालांकि जिनके पास गिर की ऊंचे नस्ल की नंदी होती है वो अपने फार्म हाउस में उन्नत नस्ल की गायों का प्रजनन भी कराने में सफल होते हैं.

रांची में वैसे छोटे गोपालकों की कमी नहीं है जो गिर गाय पालने का शौक रखते हैं. नगड़ी के विशाल कुमार ऐसे ही एक गोपालक हैं. वो बताते हैं कि उनके पास ज्यादा पैसे नहीं थे. लेकिन मन में गिर गाय पालने की इच्छा थी. लिहाजा उन्होंने रांची के ही एक गोपालक से गाय खरीदी और आज उन्हें इससे अच्छी आमदनी भी हो रही है.

Tags: Cow, Milk, Ranchi news

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