Ranchi News: पानी स्वच्छ बनाने की योजना पर पानी की तरह बहा दिये 80 करोड़!

रांची नगर निगम ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए फिर से नई कंपनी को टेंडर दिया है.

रांची नगर निगम ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए फिर से नई कंपनी को टेंडर दिया है.

Ranchi News: रांची नगर निगम के मुताबिक राजधानी के 1 से 5 और 29 से 33 वार्ड में पहले फेज में सीवरेज पाइपलाइन बिछाने की योजना थी. इसके लिए ज्योति बिल्टेक नामक कंपनी को टेंडर दिया गया. लेकिन कंपनी काम अधूरा छोड़कर भाग गई.

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रांची. झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (Sewerage Treatment Plant) की बात बेमानी लगती है. दरअसल इसको लेकर 4 वर्ष पहले कार्ययोजना तैयार हुई और करीब 80 करोड़ भी खर्च भी किए गए, लेकिन ये योजना धरातल पर कम फाइलों में ही ज्यादा सिमटी रही. हां, काम के नाम पर कुछ वार्डो में सीवरेज पाइपलाइन बिछा दी गई, लेकिन अब वे भी बेकार ही हैं.

रांची के घरों से रोजाना लाखों लीटर गंदा पानी निकलता है. इसको देखते हुए राजधानी में सीवरेज प्लांट लगाने की योजना पर काम शुरू हुआ, लेकिन 4 साल बीत जाने के बाद भी पूरा मामला अधर में ही लटक हुआ है. पहले फेज में जहां 10 वार्डो में सिवरेज पाइपलाइन लगाने की योजना थी. लेकिन मात्र 5 वार्डो में आधी-अधूरी पाइपलाइन बिछाकर उसके ऊपर सड़क बना दी गई. इसको बनाने में करीब 80 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए. लेकिन अब ये खर्च बेकार साबित हो रही है.

रांची नगर निगम के मुताबिक राजधानी के 1 से 5 और 29 से 33 वार्ड में पहले फेज में सीवरेज पाइपलाइन बिछाने की योजना थी. इसके लिए ज्योति बिल्टेक नामक कंपनी को टेंडर दिया गया. लेकिन कंपनी ने ठीक से काम नहीं किया. बीच में काम अधूरा छोड़कर फरार हो गई. निगम ने कार्रवाई करते हुए कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है.

अब चार साल बाद एक बार फिर इस योजना पर काम शुरू होने वाला है. इसके लिए 218 करोड़ का टेंडर नई कंपनी एलसी मिश्रा लिमिटेड को दिया गया है. योजना के मुताबिक रांची के किशुनपुर और लैम्प में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और पुलिस लाइन में सीवरेज सिस्टम बनाया जाना है. यहां से पानी को स्वच्छ बनाने के बाद जुमार नदी और पुटपुटो में छोड़ने की योजना है.
नगर आयुक्त मुकेश कुमार का कहना है कि जल्द ही ये योजना धरातल पर भी दिखेगी. सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट रांची या किसी अन्य शहर के लिए इसलिए जरूरी है, क्योंकि इससे भूगर्भ जल को दूषित होने से बचाया जा सकता है.
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