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Ranchi News: आने वाले समय में झारखंड की बेटियां हर क्षेत्र में बनाएंगी अलग पहचान- हेमंत सोरेन

इसके अतिरिक्त बाड़ी योजना के लिए सरकार ने 250 करोड़ के उपबंध की घोषणा की है. (फाइल फोटो)

इसके अतिरिक्त बाड़ी योजना के लिए सरकार ने 250 करोड़ के उपबंध की घोषणा की है. (फाइल फोटो)

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा है कि एक स्वस्थ समाज (Healthy society) या राज्य की परिकल्पना तभी सफल हो पाएगी, जब राज्य की महिलाएं स्वस्थ होंगी.

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रांची. सरकार के प्रयासों से लगातार मानव तस्करी (Human Trafficking) की शिकार किशोरियों-युवतियों को देश के अलग-अलग हिस्सों से छुड़ा कर वापस झारखंड लाया गया. दक्षिण भारत के राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली से भी तस्करी की शिकार महिलाओं को छुड़ा कर लाया गया. यह झारखंड के इतिहास में अपने किस्म का पहला ऑपरेशन है, जिसे खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Chief Minister Hemant Soren) अपने स्तर से मॉनिटर करते हैं. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ऐसे कई मौकों पर राज्यभर के सभी पदाधिकारियों को सख्त निदेश देते हुए कहा है कि राज्य की जो भी बेटिय़ां, बहनें मानव तस्करी का शिकार होने के बाद वापस लौटी हैं, उनके पुनर्स्थापना की हर जरूरी व्यवस्था सरकार की तरफ से करें. साथ ही उन्हें राज्य में ही रोजगार देने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है.

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा है कि एक स्वस्थ समाज या राज्य की परिकल्पना तभी सफल हो पाएगी, जब राज्य की महिलाएं स्वस्थ होंगी. राज्य से एनीमिया उन्मूलन के लिए सरकार जल्द ही एक विशेष अभियान चलाने जा रही है. जिसके तहत 1,000 दिनों में राज्य को एनीमिया मुक्त करने की तैयारी है.आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सरकार ने 500.00 (पांच सौ करोड़) रुपये का बजट निर्धारित किया है. इसका इस्तेमाल आंगनबाड़ी केंद्रों में जानेवाली गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं और शिशुओं के लिए पोषणयुक्त आहार के लिए होगा. इसके अतिरिक्त बाड़ी योजना के लिए सरकार ने 250 करोड़ के उपबंध की घोषणा की है.

पिंक ऑटो चलानेवाली दीदी बन गयीं
वहीं, कल अतंरराष्ट्रीय महिला दिवस पर खबर सामने आई थी कि महिलाओं के अधिकार और जुझारुपन की कई मिसाल हैं. इसी कड़ी में झारखंड की राजधानी रांची में पिंक ऑटो वाली दीदी के नाम से पहचान बनानेवाली रीना देवी न सिर्फ अपनी हिम्मत से स्वावलंबी बनी हैं बल्कि महिलाओं के लिए सुरक्षित सफर का साधन भी बन रही हैं. रीना देवी रांची के अरगोड़ा चौक से पिंक ऑटो चलाती हैं. पहाड़ी मंदिर के पास रहने वाली रीना के पति अचानक चल बसे तो सात लोगों के परिवार का बोझ उनके कंधों पर आ पड़ी. शुरुआत में वो एक छोटे से प्राइवेट स्कूल में बच्चों को पढ़ाने लगीं लेकिन उससे होने वाली मामूली कमाई से घर चलाना मुश्किल हो रहा था. तब उन्होंने रांची की सड़कों पर ऑटो चलाने का फैसला किया. रीना देवी ने खुद को मजबूत कर ऑटो चलाना सीखा और इस तरह वो पिंक ऑटो चलानेवाली दीदी बन गयीं.
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