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Ranchi : मरीजों के लिए बेड नहीं, पर अनप्लांड तरीके से रिम्स में खर्च किया पब्लिक का पैसा

रिम्स में वॉर्ड से बाहर भी  रखे जाते हैं मरीज.

रिम्स में वॉर्ड से बाहर भी रखे जाते हैं मरीज.

मरीजों के लिए रिम्स में बेड की किल्लत हो रही है. लेकिन 17 करोड़ 24 लाख रुपये खर्च कर बनवाई गई रिम्स में पार्किंग, जहां डॉक्टर नहीं करते अपनी गाड़ी पार्क.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 28, 2021, 7:39 PM IST
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रिरांची. झारखंड (Jharkhand) के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स (RIMS) में मरीजों (patients) के लिए बेड नहीं है. न्यूरो सर्जरी, मेडिसीन, सर्जरी सहित कई विभागों में फर्श पर ही मरीजों का इलाज हो रहा है. दूसरी तरफ रिम्स प्रशासन ने डॉक्टरों की कार पार्किंग के नाम पर 17 करोड़ की बहुमंजिला इमारत बनवा दी. यह और बात है कि आज तक वहां किसी भी डॉक्टर ने कार पार्क नहीं की है.

दूरी की वजह से बेकार पड़ी है पार्किंग

जिस अस्पताल में मरीजों के लिए बेड नहीं, वहां करोड़ों रुपए के इस बहुमंजिला पार्किंग पर सवाल इसलिए है कि रिम्स के प्रशासनिक भवन के सामने बने 4 तल्ले में डॉक्टर कार नहीं लगाते. सर्जरी विभाग के वरीय चिकित्सक डॉ शीतल मलुआ, चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ प्रभात कुमार, डॉ विद्यापति जैसे कई डॉक्टर आज भी उपाधीक्षक कार्यालय के सामने रिम्स परिसर में ही अपनी कार पार्क करते हैं. मल्टी स्टोरीज कार पार्किंग की जगह उपाधीक्षक कक्ष के सामने पार्किंग के सवाल पर ये डॉक्टर news18 से कहते हैं कि बिना डॉक्टरों की राय लिए और अस्पताल भवन से काफी दूरी की वजह से मल्टीस्टोरी कार पार्किंग में कोई कार नहीं लगाता.



'डॉक्टरों को यहां गाड़ी पार्क करना होगा'
वर्ष 2014 के जुलाई महीने में 17 करोड़ 24 लाख की राशि से बनी बहुमंजिला पार्किंग में 300 से ज्यादा गाड़ियां पार्क की जा सकती हैं, पर अब तक इस भवन में एक भी गाड़ी पार्क नहीं की गई है. सरकारी राशि की बर्बादी पर जब news18 ने सवाल किया तो अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप ने इसमें निजी एम्बुलेन्स की पार्किंग शुरू कराने की बात कही. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को यहां गाड़ी पार्क करने के लिए तैयार रहना होगा.
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