झारखंड में प्राइवेट नौकरियों में 75% स्थानीय आरक्षण पर फंसा पेंच, बिल में संशोधन की उठी मांग

फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड ने कई पदों पर भर्तियों के लिए जारी किया नोटिफिकेशन.

फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड ने कई पदों पर भर्तियों के लिए जारी किया नोटिफिकेशन.

झारखंड विधानसभा (Jharkhand Assembly) के अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने इसे विचार के लिए प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) को भेजने का फैसला किया है. प्रवर समिति (Select Committee) विधेयक में दिखाई गई खामियों पर विचार कर इसे संशोधन के साथ विधानसभा के पटल पर रखने की अनुशंसा करेगी

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 7:42 PM IST
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रांची. झारखंड में प्राइवेट नौकरियों (Private Jobs) में स्थानीय निवासियों को 75 प्रतिशत आरक्षण (Reservation) देने का मामला लटक गया है. मंगलवार को विधानसभा के बजट सत्र (Assembly Budget Session) के आखिरी दिन हेमंत सोरेन सरकार (Hemant Soren Government) ने इससे संबंधित विधेयक विधानसभा में पेश किया. लेकिन बिल में कई खामियों के कारण सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने इसमें संशोधन की मांग की. इस वजह से सरकार सदन में इस बिल को पास नहीं करा सकी.

झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने इसे विचार के लिए प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) को भेजने का फैसला किया है. प्रवर समिति विधेयक में दिखाई गई खामियों पर विचार कर इसे संशोधन के साथ विधानसभा के पटल पर रखने की अनुशंसा करेगी. भोजन अवकाश के बाद विधानसभा में झारखंड राज्य के स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन विधेयक 2021 को श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने पेश किया. श्रम मंत्री के विधेयक पेश करते ही विधायक प्रदीप यादव ने इसमें संशोधन कर सामाजिक आरक्षण का पहलू रखने की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर कंपनी का मालिक केवल अपनी ही जाति के लोगों की नियुक्ति कर स्थानीय लोगों को आरक्षण दिखा दे तो प्रस्तुत विधेयक की भावना को ठेस पहुंचेगा.

विधायक प्रदीप यादव ने आगे कहा कि नियुक्तियों में स्थानीय लोगों को 75 प्रतिशत आरक्षण में भी राज्य सरकार की आरक्षण नीति का पालन होना चाहिए. उन्होंने विधेयक के खंड पांच को भी विलोपित करने की मांग की. वहीं, बीजेपी के विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी और अमर बाऊरी ने इस प्रावधान में छूट का अधिकार पदाधिकारी को देने पर आपत्ति जताई.
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