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बिजली की आंखमिचौली से रांचीवासियों को मिलेगा छुटकारा, सरकार ने उठाये ये कदम

Naween Jha | News18 Jharkhand
Updated: January 20, 2020, 11:51 AM IST
बिजली की आंखमिचौली से रांचीवासियों को मिलेगा छुटकारा, सरकार ने उठाये ये कदम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर रांचीवासियों को पावर कट से राहत मिलने की उम्मीद है.

मुख्य सचिव ने विद्युत विभाग को निर्देश दिया कि मेंटेनेंस के नाम पर मेगा पावर ब्लॉक को तत्काल बंद करें. इसके लिए अगले माह फरवरी से नया शिड्यूल बनाएं.

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रांची. बिजली की आंखमिचौली (Power Cut) से परेशान रांचीवासियों को अब राहत मिलने की उम्मीद है. मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी (CS DK Tiwari) ने बिजली की समस्या पर रविवार को विभाग के आला अधिकारियों के साथ बैठक की. और हर हाल में रांची में सोमवार से निर्बाध बिजली देने का सख्त निर्देश दिया. इस दौरान मुख्य सचिव ने पूरे राज्य में पावर कट की स्थिति पर नज़र रखने का भी निर्देश दिया और इसे गंभीरता से लेने को कहा. दरअसल मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन (CM Hemant Soren) ने पावर कट पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश को मुख्य सचिव को दिया. जिसके बाद मुख्य सचिव ने छुट्टी के बावजूद बैठक बुलाकर विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत की.

'मेंटेनेंस के नाम पर मेगा पावर ब्लॉक तत्काल बंद करें'

मुख्य सचिव ने विद्युत विभाग को निर्देश दिया कि मेंटेनेंस के नाम पर मेगा पावर ब्लॉक को तत्काल बंद करें. इसके लिए अगले माह फरवरी से नया शिड्यूल बनाएं. उन्होंने शिड्यूल में यह प्रावधान करने को कहा कि मेंटेनेंस के समय लंबे समय तक पावर कट नहीं हो. वहीं 4 बजे अपराह्न के पहले मेंटेनेंस का कार्य पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि लोगों को अंधेरे में नहीं रहना पड़े. साथ ही पावर कट का जो समय निर्धारित हो, उसका हर हाल में पालन सुनिश्चित होना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए कि पावर कट के तय समय के बाद भी लोग बिजली बहाल होने के इंतजार में परेशान होता रहे.

अपग्रेडेशन व नवीकरण कार्य के कारण शटडाउन

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 153.47 करोड़ की लागत से 29 ग्रिड सब स्टेशनों के अपग्रेडेशन व नवीकरण का कार्य चल रहा है. इनके पूरे होने के बाद ग्रिडों की स्थिति मजबूत होगी और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी. इसके लिए सभी उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं. पुराने उपकरणों को हटाने और नये को स्थापित करने का 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. बाकी का काम भी प्रगति पर है. इसको लेकर ही पावर शटडाउन किया जा रहा है. हटिया ग्रिड में इसके चलते ही 20 और 22 जनवरी को मेगा पावर ब्लाक प्रस्तावित था, जिसे मुख्य सचिव के निर्देश पर अब फरवरी तक टाल दिया गया है.

बिजली पर विजन डाक्यूमेंट बनाने का निर्देश

मुख्य सचिव ने बिजली विभाग को निर्देश दिया कि वह बेहतर ढंग से बिजली देने को लेकर विजन डाक्यूमेंट बनाए. उसमें पिछले पांच साल में क्या किया और उसका क्या रिजल्ट रहा, इसे भी दर्ज करें. बिजली की स्थिति खराब क्यों है, इसका भी विश्लेषण करें. साथ ही, आगे क्या बेहतर करेंगे, उसे भी बताएं. बिजली उत्पादन को बढ़ाने के उपाय पर भी फोकस करें. उन्होंने पावर क्रय के सिस्टम की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया. मुख्य सचिव ने कहा कि समीक्षा की रिपोर्ट में अन्य राज्यों की बिजली व्यवस्था का भी अध्ययन कर स्थिति से अवगत कराएं. विद्युत वितरण एवं संचरण की योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर फोकस करने का भी निर्देश दिया.बिजली को लेकर हुई आपात बैठक में मुख्य सचिव डॉ. डी के तिवारी के अलावा ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव एल खंयाग्ते, विद्युत वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार, संचरण निगम के एमडी निरंजन कुमार समेत विद्युत विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे.

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First published: January 20, 2020, 11:45 AM IST
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