बेहोशी की दवा ईथर से संभव है Corona का इलाज? रिम्स के डॉक्टर ने ICMR से मांगी अनुमति
Ranchi News in Hindi

बेहोशी की दवा ईथर से संभव है Corona का इलाज? रिम्स के डॉक्टर ने ICMR से मांगी अनुमति
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि कुछ दिन पहले उत्तरी बंगाल के जिले में 32 लोग लौटकर आए थे.

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छपी रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर प्रवीण तिवारी ने 29 अप्रैल को कोरोना मरीजों (Corona Patients) का ईथर (Ether) से इलाज की अनुमति मांगी. जिसे रिम्स (RIMS) की एथिकल कमिटी ने खारिज कर दिया.

  • Share this:
रांची. दुनियाभर में कोरोना (Corona) की दवा और वैक्सिन को लेकर लगातार रिसर्च चल रहे हैं. ऐसे में रांची के रिम्स (RIMS) के एनेस्थेसिया विभाग के एक डॉक्टर ने कोरोना का ईथर (Ether) से इलाज करने की अनुमति मांगी है. लेकिन बड़ी बात ये है कि ईथर का इस्तेमाल क्लीनिकली बंद हो चुका है. मेडिकल साइंस और व्यवहार में ईथर का इस्तेमाल भले ही दुनिया में बंद हो चुका हो, लेकिन सेनिटाइजर के तौर पर अल्कोहल के इस्तेमाल ने ईथर को लेकर भी संभावना पैदा कर दी है. ये मानना है रिम्स के एनेस्थेसिया विभाग के चिकित्सक डॉ प्रवीण तिवारी का. डॉ. प्रवीण मानते हैं कि ईथर से कोरोना वायरस का मुकम्मल इलाज हो सकता है. लिहाजा उन्होंने इलाज को लेकर ICMR से अनुमति मांगी है.

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छपी रिपोर्ट के आधार पर रिम्स के डॉक्टर ने मांगी अनुमति

29 अप्रैल को पहली बार डॉक्टर प्रवीण तिवारी ने ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छपी रिपोर्ट के बाद रिम्स में भर्ती कोरोना मरीजों का ईथर से इलाज की अनुमति मांगी. जिसे रिम्स की एथिकल कमिटी ने खारिज कर दिया. इसके बाद डॉक्टर प्रवीण ने ICMR से इस संबंध में अनुमति मांगी, तो वहां से पहले रिम्स के एथिकल कमिटी से NoC लेने के लिए कहा गया है. रिम्स के निदेशक डॉ डीके सिंह की माने तो डॉ प्रवीण को पहले ईथर को लेकर पायलट प्रोजेक्ट के लिए अनुमति मांगनी चाहिए थी, पर उन्होंने सीधे ट्रॉयल की मांग कर दी है.



क्या होता है ईथर



ईथर एक तरल, कलरलेस और ज्वलनशील आर्गेनिक कंपाउंड होता है, जो अल्कोहल से बनता है. इसका इस्तेमाल सर्जरी से पहले मरीजों को बेहोश करने में होता था. विकसित देशों में 30-40 साल पहले इसका इस्तेमाल बन्द हो गया. वहीं रिम्स में भी पिछले 10 वर्ष से इसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है. अभी भी बिहार-झारखंड के कई इलाकों में चिकित्सक इसका इस्तेमाल करते हैं. जानकारों के अनुसार अभी भी लैबोरेटरी में सॉल्वेंट के रूप में ईथर का इस्तेमाल होता है. वहीं कई इंजिन में स्टार्टिंग फ्लूइड के रूप में भी इसका उपयोग किया जाता है.

डॉ प्रवीण का ये है तर्क 

रिम्स में कोविड-19 के रोगियों के इलाज में ईथर की अनुमति मांगने वाले डॉक्टर प्रवीण तिवारी कहते हैं कि हम कोरोना के खिलाफ सेनेटाइजर का इस्तेमाल इसलिए करते हैं, क्योंकि अल्कोहल बेस्ड होने के चलते वह नॉवेल कोविड-19 वायरस के बाहरी लेयर जिसे लिपिड कहते है, उसे तोड़ देता है. जिसके बाद वायरस अप्रभावी हो जाता है. यही काम वह ईथर की सहायता से कोविड रोगियों के लिए करना चाहते हैं.

ये भी पढ़ें- देश की पहली श्रमिक स्पेशल फ्लाइट से मुंबई से 174 मजदूर लौटे झारखंड
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading