कभी सोने के कण मिलने के लिए फेमस थी, आज खतरनाक रूप से प्रदूषित हो चुकी है रांची की ये नदी

रांची की स्वर्णरेखा नदी अब नाले में तब्दील हो गई है.

रांची की स्वर्णरेखा नदी अब नाले में तब्दील हो गई है.

राजधानी रांची की तीनों नदियों (Rivers) को बचाने और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम (Ranchi Nagar Nigam) और जुडको द्वारा कई योजनाएं बनाई गईं, पर नतीजा जीरो ही रहा.

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रांची. राजधानी रांची के आसपास से निकलने वाली तीनों नदियां (Rivers) जुमार, हरमू और स्वर्णरेखा नदी पूरी तरह प्रदूषित (Pollution) हो चुकी हैं. बिना ट्रीटमेंट के नदियों में गिरने वाली सीवरेज का गंदा पानी और रांची के आसपास के इलाकों में चल रही चावल मिलों के अपशिष्ट ने नदियों की सूरत बिगाड़ दी है.

स्वर्णरेखा नदी के पास रहने वाले लोग बताते हैं कि 1989-90 तक काफी ठीक हुआ करता था. यहां के पानी का इस्तेमाल लोग किया करते थे, पर अब यह कोई काम का नहीं है. नामकुम फ्लाई ओवर के पास रहने वाले जोधा राय News-18 से बातचीत में कहते हैं कि पहले स्वर्ण रेखा नदी का पानी एकदम साफ रहता था. कोई फेन या गंदगी नहीं दिखता था. पर जैसे- जैसे रांची शहर बढ़ता गया, वैसे- वैसे नदियां गंदी होती चली गयीं.

राजधानी की हरमू सहित तीनों नदियों को बचाने, प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए निगम और जुडको द्वारा कई योजनाएं बनाई गईं, पर नतीजा जीरो ही रहा. अब रांची के उपमहापौर इसकी जिम्मेवारी निगम की जगह जुडको और शहरी विकास विभाग पर फोड़ते हैं.

उपमहापौर ने news- 18 से खास बातचीत में कहा कि नदियों के जीर्णोद्धार के लिए योजनायें बनाते समय नगर विकास विभाग नगर निगम से सलाह तक नहीं लेता. ऐसे में नदियों की दुर्दशा के लिए निगम नहीं बल्कि नगर विकास विभाग ही जिम्मेवार है.
पर्यावरणविद् डॉ नितीश प्रियदर्शी ने बताया कि तीनों नदियां प्रदूषण लेवल के खतरनाक स्तर को पार कर गया है. भारी धातु और जैविक कचड़ा के चलते इन नदियों में जीवन समाप्त हो गयी है. अब इससे भूमिगत जल भी प्रदूषित हो रहा है.
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