बड़ी खबर: झारखंड में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्‍म, कल से शुरू होगी OPD

झारखंड के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त हो गई है.

झारखंड के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त हो गई है.

झारखंड के 700 से ज्यादा रेजिडेंट और जूनियर डॉक्टरों (Resident and Junior Doctors) ने अपनी हड़ताल खत्‍म कर दी है. इसके बाद कल से ओपीडी की सेवा शुरू हो जाएगी.

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रांची. झारखंड के स्वास्थ्य सचिव केके सोन के साथ बातचीत के बाद 7वें वेतनमान के बकाए की किस्तों में भुगतान करने के लिखित आश्वासन के बाद राज्य के 700 से ज्यादा रेजिडेंट और जूनियर डॉक्टरों (Resident and Junior Doctors) ने ओपीडी बहिष्कार की कॉल वापस ले ली है. बता दें कि नेपाल हाउस में स्वास्थ्य सचिव, रिम्स डायरेक्टर, एडिशनल डायरेक्टर, रिम्स अधीक्षक और झारखंड सरकार (Jharkhand Government) के साथ रिम्स जेडीए की उच्च स्तरीय बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है.

इस दौरान यह बात भी स्‍पष्‍ट हुई कि झारखंड सरकार से एरियर का आज अनुमोदन प्राप्त हो चुका है. इसी मार्च महीन के बजट सत्र में फाइनेंस डिपार्टमेंट द्वारा पेपर का लंबित कार्य संपादित करके इस महीने के अंत और अप्रैल महीन तक एरियर भुगतान की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से कर दी जाएगी.

क्‍यों हड़ताल पर थे रेजिडेंट डॉक्टर?

इस 8 मार्च से रेजिडेंट डॉक्टर इसलिए हड़ताल पर थे क्योंकि सरकार वर्ष 2016 से 2019 तक के बीच का सातवें वेतनमान की लंबित राशि भुगतान नहीं कर रही थी. पहले 1 मार्च से 8 मार्च तक डॉक्टरों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया था लेकिन उसके बाद सचिव एवं रिम्स निदेशक के साथ बातचीत विफल होने के बाद डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे. जबकि डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से राज्यभर में चिकित्सा व्यवस्था ठप हो गयी थी और हजारों की संख्या में मरीज बिना इलाज के बैरंग घर लौट गए थे.
तीन दिन में पांच हजार से ज्यादा मरीज ओपीडी से बैरंग लौटे

झारखंड के सभी छह मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ओपीडी बंद रहने की वजह से तीन दिनों में पांच हजार से ज्यादा मरीजों को बैरंग वापस लौटना पड़ा. इस दौरान रिम्स के न्यूरो, ऑर्थो, सर्जरी, कार्डियो सहित कई विभागों से बिना डॉक्टर को दिखाए लौटने वाले लोगों की संख्या जोड़ दें तो अकेले तीन हजार के करीब मरीज बैरंग लौटे. हालांकि अब गुरुवार से ओपीडी फिर से खुल जाएगी.
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