Assembly Banner 2021

झारखंड में रेजिडेंट डॉक्टरों का 5 दिवसीय विरोध शुरू, काला बिल्ला लगाकर कर रहे काम, बकाया वेतन की मांग

बकाया वेतन के भुगतान की मांग को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर काला बिल्ला लगाकर काम कर रहे हैं.

बकाया वेतन के भुगतान की मांग को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर काला बिल्ला लगाकर काम कर रहे हैं.

Doctor's Protest: रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि 2016 से ही सातवें वेतनमान के आधार पर वे बकाया राशि की मांग कर रहे हैं. हाल में स्वास्थ्य सचिव ने एक महीने का वक्त मांगा था, वह भी बीत गया, पर सरकार की ओर से कोई पहल नहीं हुई.

  • Share this:
रांची. वर्ष 2016 से 2019 तक के सातवें वेतनमान के आधार पर बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर राज्यभर के सरकारी अस्पतालों के सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर (Resident Doctors) काला बिल्ला लगाकर विरोध शुरू किया है. डॉक्टरों का आरोप है कि सरकार उनके बकाया भुगतान को लेकर ढूलमूल नीति पर चल रही है, जिसके चलते अभी पांच दिनों का काला बिल्ला प्रोटेस्ट किया जा रहा है. लेकिन आगे आंदोलन का रुख सरकार द्वारा उठाये गए कदम पर तय होगा. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की झारखंड इकाई भी रेजिडेंट डॉक्टरों के प्रोटेस्ट के साथ है.

रिम्स के साथ-साथ एमजीएम, पीएमसीएच, हजारीबाग, पलामू और दुमका के सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर विरोध जता रहे हैं. रिम्स न्यूरो सर्जरी विभाग में बतौर सीनियर रेजिडेंट सेवा देने वाले डॉ विकास अपनी मांग का जायज बताते हुए न्यूज़-18 से कहते हैं कि सीनियर रेसिडेंसी दो वर्ष का ही होता है, फिर दो साल बाद कौन कहां रहेगा कोई नहीं जानता ऐसे में चार साल- पांच साल तक एरियल लटका कर रखना जायज नहीं है.

आईएमए रांची के संयुक्त सचिव और वर्तमान में सदर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर सर्जरी डॉ अजीत कुमार कहते हैं कि पूर्व की सरकार की तरह यह सरकार भी सीनियर डॉक्टरों के हितों को लेकर उदासीन है. 2016 से ही सातवें वेतनमान के आधार पर बकाया राशि की मांग की जा रही है. स्वास्थ्य सचिव ने एक महीने का वक्त मांगा था वह भी बीत गया पर नतीजा जीरो ही रहा.



मांग पूरी नहीं हुई तो कड़ा फैसला लेंगे- RJDA
रिम्स जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने कहा कि सीनियर रेजिडेंट की जायज मांगों के समर्थन जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन है. ऐसे में सरकार अगर टाल मटोल करती है तो कार्य बहिष्कार जैसा कदम उठाया जाएगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज