रांची में एक करोड़ की नशीली दवाएं बरामद, इन जगहों पर होती थी सप्लाई

एक कंसाइनमेंट की डिलीवरी चतरा में होनी थी. उसे बरामद करने ड्रग्स कंट्रोल की टीम चतरा गयी, लेकिन डिलीवरी नहीं हुई. हालांकि वहां से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया. उसी की निशानदेही पर सुखदेव नगर के अमरूद बागान से नशीली दवाओं का जखीरा बरामद किया गया.

0m Prakash | News18 Jharkhand
Updated: August 14, 2019, 11:04 PM IST
रांची में एक करोड़ की नशीली दवाएं बरामद, इन जगहों पर होती थी सप्लाई
रांची में नशीली दवाओं का जखीरा जब्त
0m Prakash | News18 Jharkhand
Updated: August 14, 2019, 11:04 PM IST
राजधानी रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र में नशीली दवाओं (Narcotic Drugs) का जखीरा बरामद किया गया. ड्रग्स कंट्रोल टीम (Drugs Control Team) और पुलिस की छापेमारी में ये सफलता मिली. बरामद नशीली दवाओं की कीमत करीब 1 करोड़ आंकी गई है. नशीली दवाओं के ब्लैक मार्केटिंग का आरोप आरके इंटर प्राइजेज पर लगा है, जो इन दवाओं को स्कूल और कॉलजों के आस-पास के गुमटियों को सप्लाई करता था. साथ ही स्लम और रेलवे स्टेशन के पास स्थित दुकानों में भी इन दवाओं की सप्लाई धड़ल्ले से होती थी.

पूरे प्रदेश में होनी थी सप्लाई 

मामले की जानकारी देते हुए ड्रग्स कंट्रोलर निदेशक ऋतु सहाय ने कहा कि रांची के सुखदेव नगर से बरामद नशीली दवाओं की पूरे प्रदेश में सप्लाई होनी थी. एक कंसाइनमेंट की डिलीवरी चतरा में होनी थी. उसे बरामद करने ड्रग्स कंट्रोल की टीम चतरा गयी, लेकिन डिलीवरी नहीं हुई. हालांकि वहां से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया. उसी की निशानदेही पर सुखदेव नगर के अमरूद बागान से नशीली दवाओं का जखीरा बरामद किया गया.

जॉइंट डायरेक्टर ने बताया कि ये कोर्डिंन फॉस्फेट हैबिट फॉर्मिंग दवाएं हैं, जिनकी लत एक बार किसी को लग गई, तो फिर छूटती नहीं है.

बरामद दवाओं का ब्योरा

इंजेक्शन- फोर्टविन, पेंटविन और नाइकोजोशिन (एक सुई पांच से दस रुपये की है, जिसे दुकानदार व एजेंट 100 से 150 रुपये में बेचते थे)

टेबलेट- नाइट्रोजन-10, स्पास्मो प्रॉक्सिीवान, मार्फिन और ट्राइका (चार से पांच रुपये में बिकने वाली टेबलेट को 30 से 40 रुपये में बेचा जाता था)
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कफ सीरप- कोरेक्स, कोडिस्टार, आरयू-टफ, लीरिक्स व बायोरेक्स (करीब 90 रुपये का सीरप 200 से 225 रुपये में बेचा जाता था)

रांची के कई इलाकों में नशीली दवाओं का कारोबार

10 ड्रग इंस्पेक्टरों के साथ रांची और चतरा पुलिस के सहयोग से इस नेक्सस का उद्भेदन हुआ. पुलिस के अनुसार शहर में छोटी-छोटी आपराधिक घटनाओं के पीछे इन नशीली दवाओं का बड़ा हाथ होता था. पुलिस लंबे अर्से से इस रैकेट के पीछे लगी हुई थी.

कोतवाली डीएसपी अजीत कुमार विमल ने बताया कि फिलहाल एक ही बड़े कारोबारी के ठिकाने का पता चला है. यहां से एक करोड़ रुपए से अधिक की दवाइयां बरामद हुई हैं. पुलिस नशीली दवाओं के इस खेल के खिलाफ अभियान चलाएगी, ताकि इस पूरे रैकेट को खत्म किया जा सके. हालांकि छापेमारी से पहले ही आरके इंटरप्राइजेज का मालिक संतोष कुमार गुप्ता फरार हो गया. पुलिस ने कालेश्वर गुप्ता नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.

रांची के कई इलाकों में नशीली दवाओं का कारोबार होता है. सुखदेव नगर, हिंदपीढ़ी, लालपुर, लोवर बाजार, अरगोड़ा, चुटिया, कोतवाली, जगन्नाथपुर और धुर्वा के लोग इससे परेशान हैं.

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First published: August 14, 2019, 10:54 PM IST
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