झारखंड सरकार की 'चावल योजना' लोगों को बना रही निकम्मा

मंगलवार को राज्य सरकार ने टाना भगतों के साथ एक बैठक की. मकदस था टाना भगतों को सरकारी योजनाओं से वाकिफ कराना

Ajay Lal | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: March 14, 2018, 1:39 PM IST
झारखंड सरकार की 'चावल योजना' लोगों को बना रही निकम्मा
गंगा टाना भगत, प्रमुख, टाना भगत
Ajay Lal
Ajay Lal | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: March 14, 2018, 1:39 PM IST
टाना भगतों ने रघुवर सरकार द्वारा चलाये जा रहे एक रुपये किलो चावल योजना पर सवाल उठाया है. टाना भगतों ने कहा कि सरकार की कई योजनाएं ऐसी हैं, जो लोगों को निकम्मा बना रही हैं.

मंगलवार को राज्य सरकार ने टाना भगतों के साथ एक बैठक की. मकदस था टाना भगतों
को सरकारी योजनाओं से वाकिफ कराना. लेकिन जब योजनाओं की हकीकत पर से पर्दा उठना शुरू हुआ, तो सबकुछ बेपर्दा हो गया.

टाना भगतों ने कहा कि लोगों को ऐसी योजना ना दें, जो उन्हें काम करने से रोकता हो. टाना भगतों को पारंपरिक समझ वाला व्यक्ति कहा जाता है. लेकिन उन्होंने जो कुछ कहा उससे आंखे बंद नहीं की जा सकती है. मसलन टाना भगतों ने कहा कि मजदूरों को लगता है कि काम नहीं भी करें तो उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी.

टाना भगतों का कहना था कि गांव में एक रुपये में एक किलो चावल दिये जाने से स्थिति ऐसी हो गयी है कि लोग बैठे रहते हैं, लेकिन काम नहीं करना चाहते.

सूबे के मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि टाना भगतों को आने वाले दिनों में कई समस्याओं से निजात दिलाया जायेगा.

टाना भगतों ने जो चिंता जतायी है, उससे कई बार मुख्यमंत्री भी इतेफाक रख चुके हैं. लेकिन समस्या ये है कि बिल्ली के गले में घंटी बांधेगा कौन ?

 
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