ऋचा पर केस दर्ज कराने वाले मंसूर खलीफा ने कहा- कोर्ट के फैसले पर कुछ नहीं कहना

न्यूज-18 से खास बातचीत में शिकायतकर्ता मंसूर खलीफा ने कहा कि ऋचा पटेल ने हमारे धर्म के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं. इसलिए मैंने थाने में आवेदन देकर जांच की मांग की. आगे कोर्ट के फैसले पर हमें कुछ नहीं कहना है.

News18 Jharkhand
Updated: July 17, 2019, 7:43 PM IST
ऋचा पर केस दर्ज कराने वाले मंसूर खलीफा ने कहा- कोर्ट के फैसले पर कुछ नहीं कहना
न्यूज-18 से खास बातचीत में शिकायतकर्ता मंसूर खलीफा ने कहा कि ऋचा पटेल ने हमारे धर्म के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं. इसलिए मैंने थाने में आवेदन देकर जांच की मांग की. आगे कोर्ट के फैसले पर हमें कुछ नहीं कहना है.
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Updated: July 17, 2019, 7:43 PM IST
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर ऋचा पटेल के खिलाफ रांची के पिठोरिया थाने में शिकायत दर्ज हुई. अंजुमन इस्लामिया (पिठोरिया) के प्रमुख मंसूर खलीफा ने एफआईआर दर्ज कराई थी. न्यूज-18 से खास बातचीत में अपना पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि ऋचा पटेल ने हमारे धर्म के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं. समाज के लोग हमारे पास आए और कार्रवाई की मांग की. वे काफी गुस्से में थे. हमने उन्हें शांत कराया और थाने में आवेदन देकर जांच की मांग की. आगे कोर्ट के फैसले पर हमें कुछ नहीं कहना है.

बात का बतंगड़ बनाया गया

ऋचा के पिता प्रकाश पटेल ने कहा कि मैं स्तब्ध हूं कि कैसे एक छोटे से मामले को इतना बड़ा बना दिया गया. मैं आहत हूं. हालांकि कोर्ट के आदेश पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं.

प्रकाश पटेल, ऋचा पटेल के पिता


इस बीच इस मामले में कोर्ट ने कुरान बांटने के अपने आदेश को वापस ले लिया है. जांच अधिकारी की अपील पर कोर्ट ने पुरानी शर्त को पलट दी है. अब 7 हजार रुपये के बेल बांड और अन्य शर्तों के आधार पर ऋचा को जमानत दी गई है. मामले को तूल पकड़ता देख कोर्ट ने अपना आदेश वापस लिया है.

'हमें न्याय मिला' 

कोर्ट के नये फैसले पर ऋचा पटेल ने कहा कि हमें न्याय मिला है. पुलिस ने बिना जांच कर हमारे ऊपर कार्रवाई की. जबकि हमारा पोस्ट ऑपत्तिजनक नहीं था. किसी को ठेस पहुंचाने वाला नहीं था. हमने रोहिंग्या मुसलमानों के बारे में लिया था. ऋचा ने आशंका जताई कि कोर्ट के नये आदेश के बाद उसके परिवार पर खतरा बढ़ सकता है.
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ये है पूरा मामला

बता दें कि रांची के पिठोरिया की छात्रा ऋचा पटेल ने सोशल साइट पर धार्मिक पोस्ट किया था. इसके बाद अंजुमन इस्लामिया (पिठोरिया) के प्रमुख मंसूर खलीफा ने पिठोरिया थाने में 12 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इसमें उन्होंने ऋचा पर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया. इसके बाद पिठोरिया पुलिस ने शुक्रवार की शाम को ऋचा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

इस मामले में गत सोमवार को न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह की अदालत ने कुरान की पांच प्रतियां बांटने की शर्त पर ऋचा को जमानत दी थी. कोर्ट ने यह भी कहा था कि पिठोरिया पुलिस के संरक्षण में मंगलवार शाम तक ऋचा कुरान की एक प्रति अंजुमन इस्लामिया के सदर मंसूर खलीफा को देगी. बाकी चार विभिन्न शिक्षण संस्थानों में बांटेगी. इसके लिए ऋचा को 15 दिन का समय दिया गया था.

इनपुट- मनोज कुमार 

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First published: July 17, 2019, 7:39 PM IST
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