Assembly Banner 2021

Ranchi News: कई विभागों की मान्यता बचाने के लिए RIMS में बड़े उलटफेर

रिम्स में कई विभागों की मान्यता पर खतरा मंडराने पर प्रशासन ने प्रभारी एचओडी नियुक्त किया है.

रिम्स में कई विभागों की मान्यता पर खतरा मंडराने पर प्रशासन ने प्रभारी एचओडी नियुक्त किया है.

झारखंड (Jharkhand) के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल RIMS ने 6 विभागों की मान्यता को बचाने के लिए आनन-फानन में कई विभाग के प्रोफेसरों (Professor) को दूसरे विभाग का HOD बना दिया.

  • Share this:
रांची. झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल (Government Hospital) राजेन्द्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (RIMS) में जुगाड़ सिस्टम से अपने कई विभागों की मान्यता बचाने की कोशिश कर रहा है. इसी प्रयास में रिम्स प्रबंधन ने आदेश निकालकर 6 सुपर स्पेशियलिटी विभागों के HOD को मेडिसिन, सर्जरी और शिशु रोग डिपार्टमेंट में प्रोफेसर को बना दिया है.

नेशनल मेडिकल कमीशन की अधिसूचना संख्या NMC/MCI-35(1 )/98-MED(i) 123627 की अनुसूची -11(ख) की कंडिका 2 में स्पष्ट है कि स्किन, दांत और मनोविज्ञान विभाग को छोड़कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रत्येक विभाग में एक पूर्णकालिक प्रोफेसर होगा जो विभाग का हेड होगा और विभाग की सभी जवाबदेही उसकी होंगी.

प्रोफेसर की कमी के चलते रिम्स के कॉर्डियोथोरेसिक सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और न्योनेटोलॉजी में सहायक प्राध्यापक (अस्सिटेंट प्रोफेसर) ही विभागाध्यक्ष बने हुए थे.



Jharkhand News: मधुपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर आजसू ने अपनी सहयोगी BJP पर बनाया दबाव
जुगाड़ सिस्टम में किसे मिली किस विभाग की जिम्मेदारी

स्थायी प्रोफेसर की नियुक्ति की जगह रिम्स प्रबंधन ने सामान्य विभाग के प्रोफेसर रैंक के डॉक्टर को ही सुपर स्पेशलिटी विभाग का हेड बना दिया है. डॉ आर जी बाखला को कॉर्डियोथोरेसिक सर्जरी का हेड बनाया गया है तो सर्जन डॉ आरएस शर्मा को प्लास्टिक सर्जरी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. इसी तरह सर्जन डॉ. विनोद कुमार को सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, डॉ सतेंद्र कुमार को मेडिकल ऑन्कोलॉजी, मेडिसिन के डॉ. उमेश प्रसाद को नेफ्रोलॉजी विभाग का और डॉ मिनी रानी अखौरी को न्योनेटोलॉजी विभाग का प्रभारी HOD बनाया गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज