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झारखंड में हॉकी-तीरंदाजी को पीछे छोड़ रहा रग्बी, इस जिले में सबसे ज्यादा क्रेज

झारखंड के खूंटी में लड़कियां तीरंदाजी-हॉकी छोड़ रग्बी खेल रही हैं.

झारखंड के खूंटी में लड़कियां तीरंदाजी-हॉकी छोड़ रग्बी खेल रही हैं.

Rugby in Jharkhand: झारखंड रग्बी टीम में खूंटी जिले का दबदबा है. अकेले खूंटी जिले के 15 खिलाड़ी टीम में शामिल हैं. इनमें 5 लड़कियां और 10 लड़केहैं.

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खूंटी. ओलंपिक में खेले जाने वाले खेल रग्बी (Rugby) हमेशा से ही खिलाड़ियों को चौंकाता रहा है. झारखंड के खूंटी में भी रग्बी का खेल पिछले कुछ सालों से काफी जोरों पर खेला जा रहा है. इसी का परिणाम है झारखंड की टीम (Jharkhand Rugby Team) में शामिल कुल 15 खिलाड़ी खूंटी जिले से ही ताल्लुक रखते हैं.

फुटबॉल की तरह ही दौड़-भाग और पसीना बहाने वाला खेल रग्बी इनदिनों खूंटी में चर्चा का विषय है. खूंटी के मैदानों में जिले के रग्बी खिलाड़ी लगातार मेहनत कर झारखंड की टीम में एक बार फिर अपनी जगह और जुगत बनाने में जुटे हैं. 23 और 24 अक्टूबर को चाईबासा में राज्यस्तरीय टूर्नामेंट होने जा रहा है. इसमें सभी जिलों की टीमें शामिल होंगी. और इसी में प्रदर्शन के आधार पर झारखंड की टीम बनाई जाएगी. जिसके बाद नवंबर में संभावित नेशनल चैंपियनशिप में झारखंड की टीम उतरेगी. वर्तमान में राज्य स्तरीय टीम में खूंटी के कुल 15 रग्बी खिलाड़ी शामिल हैं. इसमें 5 लड़कियां और 10 लड़के शामिल हैं.

खूंटी की रहने वाली रग्बी नेशनल प्लेयर दिव्या होरो बताती हैं कि आमतौर पर यहां की लड़कियों की दिलचस्पी हॉकी और तीरंदाजी की तरफ होती है. लेकिन एक बार जब उन्होंने टेलीविजन पर रग्बी का मैच देखा. तो उनकी दिलचस्पी रग्बी की ओर बढ़ गई. और उन्होंने फिर रग्बी में ही अपना करियर बनाने का फैसला किया.

रग्बी के कोच एजाज बताते हैं कि खूंटी में खेली जाने वाले रग्बी ओलंपिक में खेले जाने वाले रग्बी के फॉर्मेट के आधार पर ही है. इसके दो फॉर्मेट में होते हैं. पहले फॉर्मेट के रग्बी कुल 15 मिनट की खेली जाती है. जिसमें पहला और दूसरा हाफ 7-7 मिनट का और बीच में 1 मिनट का ब्रेक होता है. जबकि दूसरे फॉर्मेट का रग्बी 95 मिनट में खेली जाती है. इसमें पहला और दूसरा हाफ 45-45 मिनट का होता है. और बीच का ब्रेक 5 मिनट का होता है. खूंटी में रग्बी इन्हीं दोनों फॉर्मेट पर खेली जाती है.

सबसे कमाल की बात यह है कि खूंटी में नए बच्चों का ध्यान सबसे पहले हॉकी और तीरंदाजी की तरफ जाता है. ऐसे में एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय खेल रग्बी की तरफ ध्यान जाना जिसमें खुद राष्ट्रीय स्तर पर हमारी टीम संघर्ष कर रही है, चौंकाने वाली है. झारखंड की टीम ने रग्बी में अभी तक नेशनल स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करते हुए एसजीएफआई स्कूली चैंपियनशिप में 2015 में ब्रॉन्ज मेडल जीता है. उसके बाद से लगातार यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में शामिल होने का प्रयास करते रहे हैं.

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