होम /न्यूज /झारखंड /Santosh Trophy Trial: संतोष ट्रॉफी के लिए ट्रायल के दौरान खेलगांव में हंगामा, स्‍टेडियम से निकाले गए लोकल प्‍लेयर्स

Santosh Trophy Trial: संतोष ट्रॉफी के लिए ट्रायल के दौरान खेलगांव में हंगामा, स्‍टेडियम से निकाले गए लोकल प्‍लेयर्स

Santosh Trophy Trial: रांची के खेल गांव में संतोष ट्रॉफी के लिए चल रहे ट्रायल के दौरान जमकर हंगाम हुआ. लोकल प्‍लेयर्स ने झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

Santosh Trophy Trial: रांची के खेल गांव में संतोष ट्रॉफी के लिए चल रहे ट्रायल के दौरान जमकर हंगाम हुआ. लोकल प्‍लेयर्स ने झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

Jharkhand Sports News: संतोष ट्रॉफी के लिए रांची खेल गांव में ट्रायल देने पहुंचे स्‍थानीय फुटबॉल प्‍लेयर ने ट्रायल में ...अधिक पढ़ें

रांची. झारखंड की राजधानी रांची स्थित खेलगांव में संतोष ट्रॉफी के लिए आयोजित ट्रायल के दौरान जमकर हंगामा हुआ. जिन खिलाड़ियों को ट्रायल में शामिल होने का मौका नहीं मिला उन्‍होंने मैदान के पास ही खड़े होकर अपना विरोध जताया. खिलाड़ियों का आरोप है कि ट्रायल में दूसरे प्रदेशों के खिलाड़ियों को शामिल होने का मौका मिल रहा है, ऐसे में झारखंड की टीम में ज्यादातर बाहरी खिलाड़ियों को शामिल होने का मौका मिलेगा.

दरअसल, एआईएफएफ को भेजी गई सूची में झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव की ओर से अलग-अलग 22-22 खिलाड़ियों की सूची सौंपी गई है. बताया जा रहा है कि सचिव गुलाम रब्बानी की ओर से भेजी गई लिस्ट में ज्यादातर खिलाड़ी दूसरे प्रदेशों से हैं.‌ इसकी वजह से स्थानीय खिलाड़ियों को ट्रायल में शामिल होने का मौका नहीं मिला.

अन्‍य प्रदेशों के प्‍लेयर्स ट्रायल देते नजर आए
ट्रायल में ज्यादातर मणिपुर समेत दूसरे प्रदेशों के खिलाड़ी शामिल थे. बताया जा रहा है कि इसमें कुछ खिलाड़ी टाटा फुटबॉल अकादमी और बोकारो से खेलते हैं. रांची के रहने वाले सीनियर खिलाड़ी जितेंद्र मिंज ने बताया कि उन लोगों को यह जानकारी मिली थी कि रांची के खेलगांव में 25 नवंबर को संतोष ट्रॉफी का ओपन ट्रायल होगा, जिसमें राज्य भर के खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं. इसमें जिला लीग खेल चुके प्‍लेयर्स शामिल हो सकते हैं. साथ ही ट्रायल में हिस्‍सा लेने वाले खिलाड़ी सीआरएस से रजिस्टर्ड हों.‌ मिंज ने बताया कि खेल गांव यहां पहुंचने पर उन्हें ट्रायल में शामिल होने नहीं दिया जा रहा.

PHOTOS: जमशेदपुर मानगो से गायब राहुल का 116 दिन बाद मिला कंकाल, पत्‍थर से कुचल दिया था सिर

गलती एसोसिएशन की, खामियाजा भुगत रहे प्‍लेयर्स
अधिकारियों की मानें तो उनके पास एसोसिएशन से जो 22-22 खिलाड़ियों की दो अलग-अलग लिस्ट सौंपी गई है, उन्हीं खिलाड़ियों को ट्रायल में शामिल होने दिया जा रहा है. हालांकि, नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने साफ कहा कि एसोसिएशन की गलती का खामियाजा स्थानीय खिलाड़ी भुगतने को मजबूर हैं.‌ इस दौरान खिलाड़ियों के कोच और उनके मैनेजर भी एसोसिएशन की व्यवस्था से खासे नाराज नजर आए. एक क्लब के कोच रोशन ने कहा कि सचिव गुलाम रब्बानी खुलेआम खिलाड़ियों की हकमारी कर रहे हैं. उन्होंने सचिव पर पैसे लेकर खिलाड़ियों का नाम लिस्ट में शामिल कराने का आरोप लगाया है.

स्‍टेडियम से बाहर निकाले गए हंगामा करने वाले फुटबॉलर्स
एक तरफ मैदान में ही स्थानीय खिलाड़ी ट्रायल के विरोध में हंगामा करते रहे तो दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में ट्रायल भी चलता रहा. हंगामा जैसे ही बढ़ा सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ा दी गई. हंगामा करने वाले स्थानीय फुटबॉलर को स्टेडियम से बाहर निकाल दिया गया.

Tags: Football 2021, Jharkhand news, Ranchi news

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें