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Ranchi: जंगल को अगर पहुंचाया नुकसान या काटी लकड़ी, तो मिलेगी आर्थिक और शारीरिक दंड

Ranchi: जंगल को अगर पहुंचाया नुकसान या काटी लकड़ी, तो मिलेगी आर्थिक और शारीरिक दंड

झारखंड सरकार के द्वारा वन पट्टा दिए जाने के बाद अनगड़ा प्रखंड के ग्रामीणों में जंगल बचाने के प्रति उत्साह दोगुना हो चुका है

झारखंड सरकार के द्वारा वन पट्टा दिए जाने के बाद अनगड़ा प्रखंड के ग्रामीणों में जंगल बचाने के प्रति उत्साह दोगुना हो चुका है

Jharkhand News: जंगल बचाने की एक नायाब कोशिश इन दिनों रांची जिले के अनगड़ा प्रखंड में चल रही है. यहां के बीसा पंचायत के ग्रामीणों ने जंगल बचाने का बीड़ा खुद उठाया है. इस पंचायत में करीब 230 एकड़ में फैले जंगल के संरक्षण के लिये ग्रामसभा ने अधिसूचना जारी की है. इसके तहत जंगल बचाने को लेकर समिति बनाई गई है

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रांची. झारखंड में जल, जंगल और जमीन का नारा हमेशा दिया जाता है. इस नारे में राजनीति का बड़ा राज छिपा है. झारखंड सरकार (Jharkhand Government) जंगलों को बचाने को लेकर कई तरह के दावे करती है. लेकिन जंगल को बचा (Save Forest) पाना अकेले किसी सरकार के बूते की बात नहीं है, जब तक इसमें आम जनता का सहयोग न मिले. जंगल बचाने की एक नायाब कोशिश इन दिनों रांची (Ranchi) जिले के अनगड़ा प्रखंड में चल रही है. अनगड़ा के बीसा पंचायत के ग्रामीणों ने जंगल बचाने का बीड़ा खुद उठाया है. इस पंचायत में करीब 230 एकड़ में फैले जंगल के संरक्षण के लिये ग्रामसभा ने अधिसूचना जारी की है.

इस अधिसूचना बोर्ड पर वन अधिनियम का जिक्र किया गया है. साथ ही जंगल बचाने को लेकर समिति बनाई गई है. बीसा पंचायत के मुखिया मनेश्वर मुंडा बताते हैं कि समिति ने जंगल बचाने का जिम्मा गांव के हर एक परिवार के कंधों पर डाल दिया है. हर दिन इस जंगल के इलाके में 25 लोगों की टोली सुरक्षा में तैनात रहती है. अपने तय दिन के अनुसार जंगल में सुरक्षा प्रहरी का काम नहीं करने वालों को दंड भी दिया जाता है. वैसे व्यक्ति को अगले दो दिन तक जंगल की रखवाली करनी पड़ती है. वहीं, पूर्व मुखिया सुषमा बड़ाइक ने बताया कि जंगल से लकड़ी काटने या जंगल को प्रभावित करने वालों के खिलाफ आर्थिक और शारीरिक दंड निर्धारित किया गया है. बागौर ग्राम सभा की अनुमति के बगैर जंगल से एक पत्ता भी बाहर लाना मना है.

दरअसल वर्ष 1990 के लगभग जब इस क्षेत्र में जंगल का अस्तित्व समाप्त होने के कागार पर था, तब गांववालों को इस बात का अहसास हुआ कि उनका कितना बड़ा नुकसान हो रहा है. इस वक्त पूरे गांव में ग्रामसभा का अधिसूचना बोर्ड लगाने का काम चल रहा है. राज्य सरकार के द्वारा वन पट्टा दिए जाने के बाद ग्रामीणों में जंगल बचाने के प्रति उत्साह दोगुना हो चुका है. आदिवासी बहुल इस पंचायत में अब हर तरफ जंगल बचाने को लेकर चर्चा हो रही है.

Tags: Forest, Forest area, Jharkhand news, Ranchi news

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