लाइव टीवी

बिहार और दूसरे राज्यों के SC-ST और OBC को झारखंड में नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ
Ranchi News in Hindi

News18 Jharkhand
Updated: February 25, 2020, 9:40 AM IST
बिहार और दूसरे राज्यों के SC-ST और OBC को झारखंड में नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ
झारखंड हाईकोर्ट ने बिहार और दूसरे राज्यों के आदिवासियों, पिछड़ों व अनुसूचित जाति के लोगों को झारखंड में आरक्षण का लाभ नहीं मिलने का फैसला सुनाया (फाइल फोटो)

जस्टिस एचसी मिश्र ने जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति के उलट विचार दिया. जस्टिस मिश्र ने राज्य सरकार की अपील को खारीज कर दिया. और कहा कि प्रार्थी एकीकृत बिहार के समय से यहीं रहे हैं. ऐसे में वे आरक्षण के हकदार हैं. इन्हें तुरंत सेवा में लिया जाए. हालांकि जस्टिस मिश्र के फैसले के ऊपर बहुमत से दिया गया फैसला ही मान्य होगा.

  • Share this:
रांची. बिहार और दूसरे राज्यों के आदिवासियों, पिछड़ों व अनुसूचित जाति के लोगों को झारखंड में आरक्षण का लाभ (Reservation Benefit) नहीं मिलेगा. बिहार (Bihar) के स्थायी निवासी को झारखंड में आरक्षण नहीं दिया जा सकता. झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने राज्य सरकार की इस अपील को स्वीकार कर ली. साथ ही याचिकाकर्ताओं की अपील को खारिज कर दिया. सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट की तीन न्यायाधीशों की लार्जर बेंच ने 2:1 के बहुमत से ये फैसला सुनाया.

सिपाही पद से हटाये गये प्राथियों ने दी थी सरकार के फैसले को चुनौती

बता दें कि राज्य सरकार ने कई प्रार्थियों को दूसरे राज्य का निवासी बताते हुए आरक्षण का लाभ लेकर सिपाही पद पर बहाल होने के आरोप में सेवा से हटा दिया था. इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. इस पर सुनवाई के दौरान पहले दो खंडपीठों के अलग-अलग फैसले की जानकारी मिलने के बाद मामले को तीन जजों के लार्जर बेंच में ट्रांसफर किया गया. हालांकि जस्टिस एचसी मिश्र ने जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति के उलट विचार दिया. जस्टिस मिश्र ने राज्य सरकार की अपील को खारीज कर दिया. और कहा कि प्रार्थी एकीकृत बिहार के समय से यहीं रहे हैं. ऐसे में वे आरक्षण के हकदार हैं. इन्हें तुरंत सेवा में लिया जाए. हालांकि जस्टिस मिश्र के फैसले के ऊपर बहुमत से दिया गया फैसला ही मान्य होगा.

आरक्षण का लाभ लेने के लिए यहां का स्थायी निवासी होना जरूरी- झारखंड सरकार



सुनवाई के दौरान प्राथी के वकीलों ने बेंच को बताया था कि प्रार्थी एकीकृत बिहार के निवासी हैं. और झारखंड में सालों से रह रहे हैं. इन्हें आरक्षण का लाभ भी मिल रहा था. इसलिए इन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए. लेकिन राज्य सरकार की ओर महाधिवक्ता ने बताया था कि आरक्षण का लाभ लेने के लिए झारखंड का स्थायी निवासी होना जरूरी है.

बता दें कि इससे पहले 2006 में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दूसरे राज्य के निवासियों को झारखंड में आरक्षण का लाभ नहीं मिलने का फैसला सुनाया था. जबकि 2011 में दूसरे खंडपीठ ने आरक्षण का लाभ मिलने का फैसला सुनाया था.

ये भी पढ़ें- आय से अधिक संपत्ति मामला: सीबीआई कोर्ट आज पूर्व मंत्री एनोस एक्का पर सुनाएगी फैसला 

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए रांची से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 25, 2020, 9:39 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर