झारखंड में स्कूल-कॉलेज-कोचिंग सब बंद, परीक्षाएं स्थगित, शादी में मात्र 50 लोग होंगे शामिल

सीएम हेमंत सोरेन ने मंत्रियों के साथ बैठक कर कोरोना से निबटने के लिए कड़े फैसले लिये.

सीएम हेमंत सोरेन ने मंत्रियों के साथ बैठक कर कोरोना से निबटने के लिए कड़े फैसले लिये.

Jharkhand Corona Latest Update: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और श्रम नियोजन मंत्री सत्यानंद भोक्ता के साथ बैठक कर स्कूल, कॉलेज बंद रखने और परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला लिया.

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रांची. राज्य में कोरोना (Corona) से बिगड़ते हालात को देखते हुए हेमंत सरकार (Hemant Government) ने कड़े फैसले लिये हैं. स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और ट्रेनिंग संस्थान को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है. सभी तरह की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई है. शादी में मात्र 50 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी गई है. लोगों से जरूरत पड़ने पर ही घर से निकलने की अपील की गई है.

रविवार को सीएम आवास पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और श्रम नियोजन मंत्री सत्यानंद भोक्ता के साथ बैठक की. इसमें स्कूल, कॉलेज बंद रखने और परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला लिया गया.



इससे पहले शनिवार शाम सीएम हेमंत सोरेन ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर कोरोना से उपजी भयावह स्थिति पर मंथन किया. इस दौरान बीजेपी और जेएमएम ने लॉकडाउन का सुझाव दिया. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कोरोना संक्रमण का चेन तोड़ने के लिये दिल्ली और महाराष्ट्र सरकार द्वारा उठाये गए कदम का उदाहरण दिया. और कहा कि झारखंड सरकार को इस तरह का निर्णय लेना चाहिए.
वहीं सत्ताधरी दल जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने वर्तमान हालात से निबटने के लिए कंप्लीट लॉकडाउन की मांग की. सिर्फ सुबह- शाम लोगों को खरीदारी के लिये छूट देने की बात कही. वहीं कांग्रेस ने 45 साल से कम उम्र वाले लोगों को भी वैक्सीन देने की मांग रखी.

बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि वर्तमान हालात ना को किसी से छिपा है औक ना छिपाया जा सकता है. राज्य में जब RTPCR के लैब नहीं थे, तब से कोरोना से जंग लड़ रहे हैं. अब हर जिले में जांच हो रही है. सैम्पल जांच के लिये कोबास मशीन 20 से 25 दिन में राज्य में उपलब्ध हो जाएगी. राज्य के हर जिले में 50 ऑक्सीजन बेड बनाने का निर्देश दिया गया है. रांची में 600 बेड ऑक्सीजन वाले अतिरिक्त बढ़ाये गए हैं. सभी आंगनबाड़ी केंद्र में ऑक्सीमीटर और मेडिकल कीट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं. 15 से 20 दिन में स्थिति सामान्य करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है. सरकारी अस्पताल ने अपनी दक्षता दिखाई है. हमें सरकारी अस्पतालों पर विश्वास करना चाहिए.
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