हर हाल में अजय कुमार को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना चाहते हैं ये सीनियर कांग्रेसी नेता

कांग्रेस नेता प्रदीप बलमुचू ने न्यूज-18 से कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार से हमलोग नाराज़ हैं. उसी सिलसिले में दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मिलने आए हैं.

News18 Jharkhand
Updated: June 14, 2019, 12:33 PM IST
हर हाल में अजय कुमार को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना चाहते हैं ये सीनियर कांग्रेसी नेता
अजय कुमार (फाइल फोटो)
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Updated: June 14, 2019, 12:33 PM IST
झारखंड में लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार को पद से हटाने की मांग तेज हो गई है. इसके लिए प्रदेश कांग्रेस के कई बड़े नेता दिल्ली में जमे हुए हैं. इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकान्त सहाय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बलमुचू, पूर्व मंत्री चंद्रशेखर दुबे उर्फ़ ददई दुबे और पूर्व विधायक बन्ना गुप्ता शामिल हैं. गुरुवार को दिल्ली में इनलोगों ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के आवास पर बैठक की.

'अजय कुमार को अध्यक्ष पद से हटाना चाहते हैं' 



बैठक के बाद कांग्रेस नेता प्रदीप बलमुचू ने न्यूज-18 से कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार से हमलोग नाराज़ हैं. उसी सिलसिले में दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मिलने आए हैं. पार्टी आलाकमान के सामने डॉ. अजय को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग रखेंगे. हमलोगों आलाकमान से संपर्क में हैं.

'विधानसभा चुनाव को देखते हुए नेतृत्व परिवर्तन जरूरी'

दरअसल लोकसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर डॉ अजय कुमार पर सवाल उठ रहे हैं. बलमुचू ने कहा कि लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ता हतोत्साहित हैं. इसलिए विधानसभा चुनाव को देखते हुए नेतृत्व परिवर्तन होना चाहिए.

बीजेपी में जाने से इनकार  

ऐसी चर्चा है कि बलमुचू समेत प्रदेश कांग्रेस के कई नेता भाजपा में शामिल हो सकते हैं. इस सवाल पर बलमुचू ने कहा कि हमलोगों ने झारखंड में कांग्रेस को खून- पसीने से सींचा है. राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से हुई और अंत भी यही पर होगी. भाजपा में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता.
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'सीनियर नेता ब्लेम गेम न करें'

इधर, जमशेदपुर में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत ने इन नेताओं से अपील करते हुए कहा कि पार्टी के सीनियर नेता ब्लेम गेम न करें, बल्कि लोकसभा चुनाव की हार की समीक्षा कर पार्टी को मजबूत करने का काम करें. सीनियर नेताओं को सब्र और संयम से काम लेना चाहिए. ताकि जनता के बीच हमारी एकता का मैसेज जाए, न कि कलह का.

सात में से एक सीट पर मिली जीत

बता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सूबे में सात सीटों पर चुनाव लड़ी. लेकिन मात्र एक सीट, सिंहभूम ही जीत पाई. इस करारी हार के लिए पार्टी का एक धड़ा डॉ अजय कुमार के नेतृत्व को जिम्मेवार बता रहा है और उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना चाहता है. वैसे अजय कुमार इस हार की जिम्मेदारी लेते हुए आलाकमान को पहले ही अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं. हालांकि अबतक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है.

इनपुट- निरंजन व अन्नी अमृता

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