फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे मरीज को कराना है echo, रिम्स ने दी 24 सितंबर की तारीख

बच्चे का echo जल्द कराने के लिए पिता ने डॉक्टर से विनती की. संबंधित डॉक्टर ने सकारात्मक जवाब दिया. मगर सच यही है कि गंभीर रूप से बीमार इस मरीज का अभी तक इको नहीं किया गया.

Upendra Kumar | News18 Jharkhand
Updated: September 17, 2018, 2:27 PM IST
फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे मरीज को कराना है echo, रिम्स ने दी 24 सितंबर की तारीख
रांची - इस बीमार के स्वस्थ हो जाने के लिए ईश्वर से करें प्रार्थना.
Upendra Kumar
Upendra Kumar | News18 Jharkhand
Updated: September 17, 2018, 2:27 PM IST
झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में अल्ट्रासाउंड और echo जांच के लिए भी पखवाड़े बाद का नंबर दिया जाता है. बता दें कि रिम्स के बच्चा वार्ड में भर्ती रामगढ़ गोला के सतीश के फेफड़े में पानी भरने के चलते वह सो तक नहीं पा रहा है. दिन-रात बैठकर बिताने को मजबूर बीमार सतीश और उसकी देखभाल कर रहे पिता की स्थिति को समझना मुश्किल नहीं. यहां रिम्स में डॉक्टरों ने सतीश के लिए इलाज की व्यवस्था नहीं होने की बात कह मरीज को ले जाने को कह दिया. लेकिन एक echo जांच के लिए 24 सितम्बर तक इंतजार करने को कह दिया.

रिम्स में भर्ती सतीश के पिता सरयू महतो ने कहा कि echo के लिए उन्हें अस्पताल ने 24 सितंबर की तारीख दी है. मगर उनके बच्चे की हालत गंभीर है. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने बीमार सतीश को वेल्लोर ले जाने को कहा है. लेकिन वह जानना चाह रहे हैं कि गंभीर रूप से बीमार बच्चे को रांची से वेल्लोर कैसे लेकर जाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि बच्चे का इको जल्द कराने के लिए उन्होंने डॉक्टर से विनती की. संबंधित डॉक्टर ने सकारात्मक जवाब दिया. मगर सच यही है कि गंभीर रूप से बीमार इस मरीज का अभी तक echo नहीं किया गया.

एक अल्ट्रासाउंड या echo जांच के लिए रिम्स जैसे बड़े अस्पताल में मरीज को 15 दिन बाद आने के लिए कहा जाए तो इसे व्यवस्था में चूक ही कहना पड़ेगा.
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