पार्टी में अनदेखी से नाराज शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन ने लालू से की मुलाकात

विधायक सीता सोरेन ने लालू यादव से करीब 20 मिनट तक मुलाकात की.
विधायक सीता सोरेन ने लालू यादव से करीब 20 मिनट तक मुलाकात की.

शिबू सोरेन (Shibu Soren) की बड़ी बहू सीता सोरेन (Sita Soren) पार्टी और सरकार में अपनी खास भूमिका चाहती हैं. लेकिन लगातार उनकी अनदेखी हो रही है. हाल में उन्होंने इस बात को लेकर पार्टी अध्यक्ष शिबू सोरेन को पत्र भी लिखा था.

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रांची. जेएमएम विधायक सीता सोरेन (Sita Soren) शनिवार को लालू प्रसाद (Lalu Yadav) से मिलने रिम्स स्थित केली बंगला पहुंचीं. जहां उनकी राजद सुप्रीमो से करीब 20 मिनट तक मुलाकात हुई. इस मुलाकात के बाद बंगले से बाहर निकलने पर सीता सोरेन ने कहा कि सियासत को लेकर लालू प्रसाद से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई. वह पहली बार लालू से मिलने पहुंची थीं. इस दौरान उन्होंने सिर्फ उनके स्वास्थ और कुशलता की जानकारी ली.

मुलाकात के लगाये जा रहे कई मायने 

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद सीता सोरेन का केली बंगले पर पहुंचने के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि महागठबंधन के तहत जेएमएम की ओर से बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर 12 सीटों की मांग की गई है. और जब अब तारीखों का ऐलान हो चुका है. ऐसे में सीता सोरेन पार्टी की ओर से कोई संदेश लेकर लालू से बात करने पहुंचीं.



हालांकि सियासी मायने से इतर इस मुलाकात के दूसरे मतलब भी निकाले जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि सीता सोरेन जेएमएम में खुद को अलग-थलग महसूस कर रही हैं. और पार्टी गतिविधियों से खुद को दरकिनार किए जाने से काफी नाराज हैं. ऐसे में वह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से मध्यस्थता और हस्तक्षेप की मांग को लेकर केली बंगले पर पहुंची थीं. उन्होंने इस मामले में लालू प्रसाद से गार्जियन की भूमिका निभाने का आग्रह किया है.
बताया जा रहा है शिबू सोरेन की बढ़ती उम्र और फिलहाल तबीयत खराब होने के कारण पार्टी की कमान पूरी तरह हेमंत सोरेन के हाथों में है. लिहाजा सीता सोरेन चाहती हैं कि पार्टी में जो उनकी उपेक्षा की जा रही है. उसको लेकर लालू प्रसाद अब हेमंत सोरेन से बातचीत कर इसका रास्ता निकालें. लेकिन यह तमाम बातें फिलहाल चर्चा में हैं.

पार्टी में अनदेखी से चल रहीं नाराज 

न्यूज़-18 के सवाल पर जामा विधायक सीता सोरेन ने यह जरूर कहा कि अगर पार्टी चाहेगी तो वह बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रचार जरूर करेंगे. मतलब साफ है कि सीता सोरेन जेएमएम में बड़ी भूमिका निभाने की कोशिश में हैं. लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया जा रहा और फिलहाल पार्टी में अनदेखी से वे काफी काफी नाराज भी हैं.

लालू से सीता सोरेन की मुलाकात दरअसल जेएमएम की ओर से कोई संदेश देना था या फिर सीता सोरेन खुद लालू प्रसाद से अपने मामले को लेकर हस्तक्षेप की मांग करने पहुंची थी. इसकी तस्वीर आने वाले वक्त में जल्द साफ होने की उम्मीद है.
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