22 लोगों की मौत का जिम्मेवार सिंघानिया चढ़ा पुलिस के हत्थे, 2017 से था फरार

पुलिस गिरफ्त में नरेश सिंघानिया.

पुलिस गिरफ्त में नरेश सिंघानिया.

जहरीली शराब बना लोगों की जान से खेलने का आरोपी झारखण्ड (Jharkhand) का मोस्ट वांटेड शराब माफिया नरेश सिंघानियां करीब 4 साल बाद पुलिस (Police) की गिरफ्त में आया है.

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रांची. जहरीली शराब बना लोगों की जान से खेलने का आरोपी झारखण्ड (Jharkhand) का मोस्ट वांटेड शराब माफिया नरेश सिंघानियां करीब 4 साल बाद पुलिस (Police) की गिरफ्त में आया है. शराब माफिया 22 लोगों की मौत का जिम्मेवार माना जाता है. 2017 में नरेश सिंघानीयां की संस्था द्वारा बनाई गई जहरीली शराब से ही 22 लोगों की मौत होने का आरोप लगा था. नवंबर 2017 से पुलिस की आंखों में धूल झोंक फरार चल रहा नरेश सिंघानिया आखिरकार पुलिस गिरफ्त में आ ही गया. गुप्त सूचना के आधार पर नामकुम थाना की पुलिस ने शराब माफिया नरेश सिंघानिया को गिरफ्तार किया है.

लॉक डाउन  के कारण नरेश सिंघानिया अपने ही घर में छिपकर रह रहा था. मामले की जानकारी देते हुए ग्रामीण एसपी नौशाद आलम ने बताया कि जहरीली शराब का सेवन कर 22 से ज्यादा लोग की मौत के मामले में पुलिस को नरेश सिंघानिया की तलाश थी. जानकाती के अनुसार करम पर्व के मौके पर सितंबर 2017 की रात अवैध शराब कारोबारी सिंघानिया बंधु प्रहलाद सिंघानिया और नरेश सिंघानिया ने रांची के बाजार में नकली शराब की एक बड़ी खेप उतारी थी. इस जहरीली शराब का सेवन कर 22 से ज्यादा लोग की मौत हो गई थी. मरनेवालों में जैप के भी कई जवान शामिल थे.

जांच में हुआ था खुलासा

जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया था कि जहरीली शराब की यह खेप सिंघानिया बंधुओं द्वारा बाजार में परोसी गई थी. इसके बाद रांची के नामकुम, सुखदेवनगर, गोंदा और डोरंडा में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद से ही नरेश फरार चल रहा था. अब वो पुलिस की गिरफ्त में आया है. शराब तस्करी के दूसरे मामलों में भी उससे पूछताछ की जा सकती है.
सिंघानिया 2005 से ही अवैध शराब का कर रहा था धंधा

झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ सहित आस पास के कई इलाकों मे सिंघानिया के नकली शराब का काला कारोबार  फैला था. वर्ष 2005 में सिंघानिया बंधु के अवैध शराब का धंधा प्रकाश में आया था जिसके बाद से ही पुलिस से लुका छिपी का उसका खेल जारी था. वही 2017 में 22 लोगो की मौत के बाद सिंघानिया बंधु पर पुलिस ने अपना शिकंजा कस दिया था, जिसके बाद से ही नरेश सिंघानिया फरार चल रहा था. वर्ष 2017 में 22 लोगो की मौत के अनुसंधान की जिम्मेवारी सीआईडी को सौपी गई थी, नरेश सिंघानिया की गिरफ्तारी के बाद सीआईडी की टीम भी आरोपी से पूछताछ कर मामले के तह तक जाने की कवायद में जुटी हुई है.

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