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शिशुओं के स्वास्थ्य को लेकर 'उम्मीद' की किरण, रिम्स में शुरू होगी ये खास योजना

News18 Jharkhand
Updated: October 9, 2019, 2:58 PM IST
शिशुओं के स्वास्थ्य को लेकर 'उम्मीद' की किरण, रिम्स में शुरू होगी ये खास योजना
तीन साल के पायलट प्रोजेक्ट के नतीजे के बाद संभव है कि देशभर में इसे पल्स पोलियो अभियान की तर्ज चलाया जा सकता है.

रिम्स के जेनेटिक विभाग के हेड डॉ. अमर वर्मा ने बताया कि यह योजना एकसाथ दिल्ली और झारखंड में शुरू होने जा रही है. इसका उद्देश्य देश में शिशु मृत्यु दर के आंकड़ें को विकसित देशों की तरह कम करने का है

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रांची. भारत सरकार (Govt of India) के डिपार्टमेंट ऑफ बॉयोटेक्नॉलॉजी की महत्वाकांक्षी योजना 'उम्मीद' (Ummid) के पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत रिम्स (RIMS) में होने वाली है. गुरुवार को केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा (Arjun Munda) इसका शुभारंंभ करेंगे. आनुवांशिक बीमारियों के साथ जन्म लेने वाले नवजात और शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) के आंकड़ें को कम करने के उद्देश्य से ये योजना महत्वपूर्ण है.

एकसाथ दिल्ली और झारखंड में शुरू होगी योजना

रिम्स के जेनेटिक विभाग के हेड और प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमर वर्मा ने बताया कि यह योजना एकसाथ दिल्ली और झारखंड में शुरू होने जा रही है. इसका उद्देश्य देश में शिशु मृत्यु दर के आंकड़ें को विकसित देशों की तरह कम करने का है. दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और रांची के रिम्स में उम्मीद योजना शुरू होने जा रही है. इसके तहत मां के गर्भ में पल रहे बच्चे में आनुवंशिक बीमारियों की पहचान की जाएगी.

एंटी नेटल बीमारियों की स्क्रीनिंग और काउंसलिंग के साथ-साथ इस योजना के तहत जन्म लेते ही शिशुओं की छह जेनेटिक बीमारियों की जांच कर पूरा डाटा तैयार किया जाएगा. रिसर्च के अनुसार झारखंड में ही आठ प्रतिशत लोग किसी न किसी जेनेटिक बीमारियों से ग्रस्त हैं.

'उम्मीद' को देश के स्वास्थ्य के लिए उम्मीद की किरण बताते हुए डॉ अमर वर्मा ने कहा कि तीन साल के पायलट प्रोजेक्ट के नतीजे के बाद संभव है कि देशभर में इसे पल्स पोलियो अभियान की तर्ज चलाया जा सकता है.

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First published: October 9, 2019, 2:52 PM IST
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