झारखंड: वर्षा जल रोकने में मिली कामयाबी, बंजर भूमि पर छाई हरियाली

नीलाम्बर-पीताम्बर योजना का लाभ मिलने का दावा.

झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ने एक वर्ष पहले नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना (Nilambar-Pitamber Jal Samridhi Yojana) की शुरुआत की थी

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रांची. झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ने एक वर्ष पहले नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना (Nilambar-Pitamber Jal Samridhi Yojana) की शुरुआत की थी, लगभग 4000 पंचायतों में योजना के तहत कार्य किये जा रहे हैं. कई जिलों में अबतक योजना की वजह से बंजर और टांड़ जमीन पर हरियाली दिखने लगी है. जल संरक्षण बढ़ा है. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों को रोजगार से भी जोड़ा जा सका है. नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना के तहत राज्य में 3,32,963 योजनाओं का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. इसके विरुद्ध 1,97,228 योजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं. शेष 1,35,735 योजनाओं पर काम जारी है.

योजना से ग्रामीण क्षेत्रों की हालत में काफी सुधार आया है. कई क्षेत्रों में बंजर और टांड़ प्रकृति की भूमि में भी अब जल संरक्षण की वजह से हरियाली आ रही है. साथ ही लोग ऊपरी टांड़ जमीन का उपयोग बड़े पैमाने पर बागवानी एवं खेती के लिए करने लगे हैं.

इसलिए पड़ी इसकी जरूरत
झारखण्ड का बड़ा क्षेत्र पठारी है, जहां बारिश का ज्यादातर पानी बह कर निकाल जाता है. इसके अलावा कई जिले जैसे लातेहार, गढ़वा, पलामू में पानी की बड़ी समस्या है. इन समस्याओं के मद्देनजर इस योजना की शुरूआत की गई थी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के पानी को रोका जा सके और जल संकट को दूर किया जा सके.

नीलाम्बर पीताम्बर योजना के प्रमुख बिन्दु
-ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवाले बेरोजगारों, मजदूरों को रोजगार प्रदान करने के साथ उनका विकास करना
-ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना
-जल संरक्षण और इस कार्य के तहत भूजल पुनर्भरण ईकाइयों का निर्माण करना
-इन कार्यों के जरिये राज्य के श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराना
-लातेहार, पलामू, गढ़वा जैसे पानी के संकट वाले जिलों में भूगर्भ जल में वृद्धि करना
-खेत के पानी को खेत में एवं गांव का पानी गांव में ही रोकना
-राज्य के प्रवासी श्रमिकों व अन्य श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराना

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