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महिला सशक्तिकरण की मिसाल: रांची की सुनीता और सीता ने रानी मिस्त्री के तौर पर गढ़ी अलग पहचान

सुनीता कच्छप ने कहा कि शुरुआत में उन्हें भी पति ने रानी मिस्त्री का काम करने से रोका था
सुनीता कच्छप ने कहा कि शुरुआत में उन्हें भी पति ने रानी मिस्त्री का काम करने से रोका था

सुनीता कच्छप बताती हैं कि जब शुरुआत में उन्होंने रानी मिस्त्री का काम शुरू किया, तो लोग उन्हें ताना देते थे. घर और समाज से ही उनका विरोध होता था. कई महिलाओं के साथ मारपीट भी हुई.

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रांची. कांके के नगड़ी गांव की रहने वाली सुनीता कच्छप और सीता कच्छप महिला सशक्तिकरण (Woman Empowerment) की मिसाल बनकर उभरी हैं. रानी मिस्त्री (Rani Mistry) के तौर इनके कामों की तारीफ चारों तरफ हो रही है. अब तक दोनों ने अपने इलाके में 134 शौचालय (Toilets) बनाये हैं. सीता और उनकी टीम की तारीफ उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) और बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) एवं अक्षय कुमार (Akshay Kumar) तक कर चुके हैं. सीता और सुनीता न सिर्फ शौचालय बनाती हैं, बल्कि लोगों को इसके लिए जागरूक भी करती हैं.

शुरू में घर और समाज से हुआ विरोध

सुनीता कच्छप बताती हैं कि जब शुरुआत में उन्होंने रानी मिस्त्री का काम शुरू किया, तो लोग उन्हें ताना देते थे. घर और समाज से ही उनका विरोध होता था. कई महिलाओं के साथ मारपीट भी हुई. कई महिलाओं के पति ने उन्हें काम करने से रोका दिया.



बतौर सीता उन्हें भी पति ने रानी मिस्त्री का काम करने से मना किया. कई बार तो ऐसा हुआ कि लोग घर आकर काम नहीं करने की धमकी देते थे. लेकिन समय के साथ सबकुछ ठीक हो गया है. आज हर कोई उनके कामों की तारीफ करते हैं.
स्वच्छता और समृद्धि साथ-साथ

सुनीता कच्छप की टीम की सदस्य किरण टोप्पो बताती हैं कि इस काम को करने से इलाके में स्वच्छता बढ़ी है. साथ ही उन जैसी रानी मिस्त्रियां आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं. अब छोटे-मोटे काम के लिए उन्हें पति से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ती.

सुनीता की बेटी रांची में एमकॉम की पढ़ाई कर रही है. वह बताती है कि शुरुआत में उसने इस काम के लिए मां को काफी सहयोग किया. वहीं इलाके में रहने वाले शंकर बताते हैं कि रानी मिस्त्री की वजह से ही उनका शौचालय बन पाया.

सीता और सुनीता के रानी मिस्त्री बनने का सफर महिला समूह से शुरू हुआ. वहां से प्रशिक्षण लेकर ये रानी मिस्त्री बन पाईं. और अपनी अलग पहचान गढ़ पाई हैं.

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