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...तो इसलिए यह चुनाव हेमंत सोरेन के लिए अग्नि परीक्षा से कम नहीं

हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन

पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य का कहना है कि अन्य तीन सीटों के अलावा जमशेदपुर सीट जेएमएम इसलिए जीतना चाहता है, क्यो ...अधिक पढ़ें

    सूबे की मुख्य विपक्षी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) लोकसभा चुनाव में महागठबंधन के तहत चार सीटों पर चुनाव लड़ रही है. इन पर जीत हासिल करना न केवल पार्टी, बल्कि कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के लिए अग्नि परीक्षा से कम नहीं है.

    2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद जेएमएम ने दुमका और राजमहल में जीत का परचम लहराया था. इस बार बीजेपी को शिकस्त देने के लिए पार्टी ने कांग्रेस, जेवीएम और आरजेडी के साथ मिलकर महागठबंधन का कुनबा तैयार किया. जेएमएम भले ही मात्र चार सीटों पर चुनाव लड़ रहा हो, लेकिन इनके रिजल्ट का दूरगामी सियासी प्रभाव होगा.

    कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन पर जहां दुमका से अपने पिता और पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन को एतिहासिक जीत दिलाने का दवाब है, वहीं राजमहल में बीजेपी के हेमलाल मुर्मू को एक बार फिर हार सुनिश्चित कराने की भी बड़ी जिम्मेदारी है. गौरतलब है कि जब हेमंत सोरेन को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा रहा था तो इस फैसले को पहली चुनौती हेमलाल मुर्मू ने ही दी थी. उधर, गिरिडीह सीट इसलिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है, क्योंकि टिकट नहीं मिलने से नाराज बागी विधायक जयप्रकाश पटेल ने हेमंत को खुली चुनौती दे दी है.

    पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य का कहना है कि अन्य तीन सीटों के अलावा जमशेदपुर सीट जेएमएम इसलिए जीतना चाहता है, क्योंकि यहां की जीत पार्टी को सीएम रघुवर दास समेत बीजेपी के कई बड़े नेताओं की पराजय की खुशी का अहसास कराएगा.

    हेमंत सोरेन चारों सीट पर जीत दर्ज कराने के लिए जमकर पसीना बहा रहे हैं. लेकिन बीजेपी को यह सब व्यर्थ नजर आ रहा है. प्रदेश महामंत्री दीपक प्रकाश का कहना है कि बीजेपी को मोदी और रघुवर सरकार के काम पर भरोसा है. गिरिडीह समेत सभी 14 सीटों पर एनडीए की जीत पक्की है. महागठबंधन का खाता तक नहीं खुलने वाला है.

    रिपोर्ट- उपेन्द्र कुमार

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    Tags: Hemant soren, Jharkhand Lok Sabha Elections 2019

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