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झारखंड विधानसभा चुनाव 2019: महागठबंधन की जीत का सेहरा लालू के सिर बंधेगा?
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News18 Bihar
Updated: December 23, 2019, 8:11 AM IST
झारखंड विधानसभा चुनाव 2019: महागठबंधन की जीत का सेहरा लालू के सिर बंधेगा?
झारखंड चुनाव में अगर महागठबंधन की जीत होती है तो इसका क्रेडिट काफी हद तक लालू यादव को जाएगा. (फाइल फोटो)

दरअसल लालू यादव की बदौलत ही झारखंड में महागठबंधन का न सिर्फ निर्माण हुआ बल्कि सबने सीट बंटवारे में समझौता भी किया. यदि नतीजों में महागठबंधन जीतता है तो इस जीत का श्रेय हेमंत सोरेन से ज्यादा लालू को जाएगा

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पटना. झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Election 2019) के नतीजे से जहां बीजेपी की प्रतिष्ठा जुड़ी है, वहीं महागठबंधन (Grand Alliance) के लिए भी यह चुनाव किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. ऐसे में दोनों ही खेमे में जिसकी भी हार या जीत होगी, बिहार की सियासत (Bihar Politics) पर इसका जरूर असर पड़ेगा. मसलन बीजेपी (BJP) यदि अपने दम पर जीत हासिल कर के दोबारा सत्ता में आती है तो फिर बिहार (Bihar) में बीजेपी न सिर्फ जेडीयू पर हावी रहेगी बल्कि उसे हर हाल में बीजेपी के साथ रहकर 2020 का बिहार विधानसभा चुनाव लड़ना होगा. वहीं, अगर बीजेपी के हाथ से झारखंड की सत्ता गई तो बिहार में जेडीयू फिर से बड़े भाई की भूमिका में आ जाएगी. ऐसे में अगर नतीजे महागठबंधन के पक्ष में आते हैं तो न सिर्फ लालू यादव का प्रयोग सफल होगा बल्कि तेजस्वी पर बिहार में अपने सहयोगियों को साथ लेकर चलने का दबाव भी बढ़ेगा.
जीत और हार से बिहार के गठबंधन को मिलेगा सबक

झारखंड चुनाव के नतीजे जिसके भी पक्ष में जाएं, हार या जीत बिहार के नेताओं के लिए बड़ा सबक होगा! मसलन अगर बीजेपी हारती है तो एनडीए के लिए यह जितना बड़ा एक सबक होगा उससे भी बड़ी बात है कि एनडीए बिहार में वैसी गलती कतई नहीं दोहराएगी जिसका खामियाजा उसे झारखंड की तरह चुकाना पड़े. वजह ये है कि झारखंड में एनडीए पूरी तरह से बिखरा हुआ है. वहीं, अगर हेमंत सोरेन बाजी मारते हैं और महागठबंधन जीत हासिल करती है तो फिर तेजस्वी पर अपने सभी सहयोगियों को साथ ले चलने का दवाब बढ़ेगा. फिर आरजेडी को हेमंत सोरेन की ही तरह समझौता कर के महागठबंधन को एकजुट करना होगा ताकि झारखंड के फॉर्मूले के जरिये बिहार में भी बड़ा उलटफेर किया जा सके.
लालू फेल होंगे या पास, बताएगा झारखंड के नतीजा 


झारखंड में एक तरफ एनडीए खंड-खंड है तो महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है. ठीक उसी तरह जैसे कि 2019 के लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार की जेडीयू, रामविलास पासवान की एलजेपी और बीजेपी इन्टैक्ट थी. महागठबंधन की इस एकजुटता के पीछे कोई और नहीं बल्कि खुद लालू यादव हैं. जानकारी के अनुसार लालू की बदौलत ही झारखंड में महागठबंधन का न सिर्फ निर्माण हुआ बल्कि सबने सीट बंटवारे में समझौता भी किया. अब लालू के इस प्रयोग की परीक्षा की बारी है अगर महागठबंधन जीतता है तो इस जीत का श्रेय हेमंत सोरेन से ज्यादा लालू को जाएगा.

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First published: December 23, 2019, 7:43 AM IST
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