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इंतजार पे इंतजार! हेमंत सरकार ने इस त्योहार भी नहीं बांटी बोर्ड- निगम पदों की सौगात

हेमंत सरकार के गठन के बाद से ये तीसरा मौका है जब गठबंधन दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पद की सौगात मिलने का इंतजार बस इंतजार ही रह जायेगा.

हेमंत सरकार के गठन के बाद से ये तीसरा मौका है जब गठबंधन दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पद की सौगात मिलने का इंतजार बस इंतजार ही रह जायेगा.

झारखंड में इस बार भी गठबंधन दल के नेता और कार्यकर्ता के हाथ खाली रह जाएंगे. तीन साल बाद भी नवरात्र या दीपावली के मौके ...अधिक पढ़ें

रांची. झारखंड में इस बार भी पर्व – त्यौहार पर गठबंधन सरकार बोर्ड – निगम या आयोग की सौगात नहीं देने जा रही है. सरकार गठन के बाद ये तीसरा मौका है जब गठबंधन दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पद की सौगात मिलने का इंतजार बस इंतजार ही रह जायेगा. अब तक बोर्ड – निगम और आयोग के खाली पड़े पद के बंटवारे को लेकर फार्मूला भी तय नहीं हो पाया है. राज्य की मुख्य विपक्षी दल सालों से खाली पड़े पद को लेकर सरकार पर निशाना साध रही है .

झारखंड में इस बार भी गठबंधन दल के नेता और कार्यकर्ता के हाथ खाली रह जाएंगे. तीन साल बाद भी नवरात्र या दीपावली के मौके पर कार्यकर्ताओं को सौगात मिलने की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है. बोर्ड – निगम या आयोग के खाली पड़े पद का बंटवारा को लेकर गठबंधन दल के अंदर फार्मूला भी तय नहीं हो पाया है. जबकि इसको लेकर लगातार संगठन के अंदर से आवाज उठ रही है. जेएमएम केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय को भरोसा है कि 20 सूत्री की तरह ही अगले कुछ दिनों में बोर्ड – निगम का बंटवारा भी हो जाएगा. इसको लेकर संगठन और सरकार स्तर पर तैयारी चल रही है.

बोर्ड – निगम या आयोग के बंटवारे का इंतजार प्रदेश से लेकर जिला तक के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को है. प्रदेश में हेमंत सोरेन सरकार को बने अब तीन साल में मात्र तीन माह बचे है. कांग्रेस के लाल किशोर नाथ शाहदेव को उम्मीद है कि अभी हाल के दिनों जिस तरह राज्य सरकार ताबड़तोड़ निर्णय ले रही है, ठीक उसी तरह बोर्ड – निगम या आयोग का भी बंटवारा हो जाएगा.

राज्य के अंदर महिला आयोग से लेकर सूचना आयोग तक कुछ ऐसे पद रिक्त है जिसको लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साध रही है. बीजेपी सांसद आदित्य साहू का आरोप है कि पद के रिक्त होने से इसका सीधा असर राज्य की जनता पर पड़ रहा है. हजारों की संख्या में राज्य की जनता के आवेदन लंबित पड़े हैं. महिला आयोग में शोषित और उत्पीड़न की शिकार महिलाओं के आवेदन लंबित पड़े हैं. सूचना आयुक्त जैसे पद भी फिलहाल रिक्त हैं.

बोर्ड – निगम या आयोग का बंटवारा नहीं होने से राज्य के काम- काज पर तो असर पड़ ही रहा है. इसके साथ – साथ गठबंधन दल के नेता भी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं. अब देखना होगा कि आखिर कब तक राज्य के खाली पड़े प्रमुख पद भरे जाएंगे.

Tags: Hemant soren government, Jharkhand Politics

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