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रघुवर सरकार में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुए टेंडर घोटाले, अभियंता प्रमुख सस्पेंड
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News18 Jharkhand
Updated: January 30, 2020, 11:59 AM IST
रघुवर सरकार में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुए टेंडर घोटाले, अभियंता प्रमुख सस्पेंड
मुख्य सचिव डीके तिवारी ने बताया कि जांच में पाया गया है कि कुछ विभागों के शेड्यूल ऑफ रेट में कई गड़बड़ियां हैं. मसलन किसी विभाग में एक काम के लिए जितने रुपये दिये गये, दूसरे विभाग में उसी काम के लिए कई गुना ज्यादा रुपये दिये गये.

मुख्य सचिव के मुताबिक दूसरा मसला टेंडर देने में सामने आया है. जिस व्यक्ति या संस्था को टेंडर दिया गया. जब उनपर काम में लापरवाही को लेकर कार्रवाई शुरू हुई, तो उन्होंने कहा कि ये निविदा तो उन्हें मिली ही नहीं. जबकि उन्हें रुपयों के भी भुगतान हो गये. यानी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर देने का काम हुआ है.

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रांची. झारखंड में नई सरकार के कमान संभालते ही पिछली सरकार (Raghuvar Government) में हुईं गड़बड़ियों के खुलासे होने लगे हैं. पथ निर्माण, भवन निर्माण और ग्रामीण विकास विभाग में बड़े टेंडर देने में गड़बड़झाला (Tender Scam) सामने आया है. इस सिलसिले में पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख और कुछ कनीय अभियंताओं को सस्पेंड (Suspend) भी कर दिया गया है. साथ ही सरकार ने विकास आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच कमिटी का गठन किया है. यह कमिटी एक अप्रैल 2016 के बाद तीनों विभागों में दिये गये बड़े टेंडरों की जांच करेगी.

शेड्यूल ऑफ रेट में गड़बड़ियां

मुख्य सचिव डीके तिवारी ने बताया कि पहले निगरानी विभाग के तकनीकी परिक्षण कोषांग के द्वारा शेड्यूल ऑफ रेट बनाया जाता था. लेकिन बाद में ये जिम्मा पथ निर्माण विभाग को दे दिया गया. जांच में पाया गया है कि कुछ विभागों के शेड्यूल ऑफ रेट में कई गड़बड़ियां हैं. मसलन किसी विभाग में एक काम के लिए जितने रुपये दिये गये, दूसरे विभाग में उसी काम के लिए कई गुना ज्यादा रुपये दिये गये.

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दिये गये टेंडर

मुख्य सचिव के मुताबिक दूसरा मसला टेंडर देने में सामने आया है. जिस व्यक्ति या संस्था को टेंडर दिया गया. जब उनपर काम में लापरवाही को लेकर कार्रवाई शुरू हुई, तो उन्होंने कहा कि ये निविदा तो उन्हें मिली ही नहीं. जबकि उन्हें रुपयों के भी भुगतान हो गये. यानी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर देने का काम हुआ है. ऐसा एक-दो बड़े टेंडर में सामने आया है. इसलिए सरकार ने सभी बड़े टेंडरों की जांच जरूरी समझा है.

सभी बड़े टेंडरों की होगी जांच 

बतौर मुख्य सचिव 1 अप्रैल 2016 यानी जब से शेड्यूल ऑफ रेट का जिम्मा पथ निर्माण विभाग को दिया गया, तब से पथ निर्माण, भवन निर्माण और ग्रामीण विकास विभाग के सभी बड़े टेंडरों के सेंपल जांच का आदेश जांच कमिटी को दिया गया है. सेंपल जांच में बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद बड़ी जांच का फैसला लिया जा सकता है.टेंडर में गड़बड़ी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि मामलों की जांच हो रही है. सिस्टम अपना काम करेगा.

इनपुट- ओमप्रकाश

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First published: January 30, 2020, 11:59 AM IST
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