झारखंड में टॉफी और टी-शर्ट वितरण घोटाला, सरयू राय की मांग पर सरकार ने दिए जांच के आदेश

सरयू राय पिछली सरकार में मंत्री थे. उन्होंने सदन में इस घोटाले को सही ठहराया.

सरयू राय पिछली सरकार में मंत्री थे. उन्होंने सदन में इस घोटाले को सही ठहराया.

Toffee and T-shirt Scam: झारखंड स्थापना दिवस-2016 के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं के बीच टॉफी व टी-शर्ट का वितरण किया जाना था. लेकिन प्रदेश के 9000 स्कूलों में ये बंटे ही नहीं, पर कागज पर आपूर्ति दिखा दी गयी.

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रांची. झारखंड विधानसभा (Jharkhand Assembly) में सोमवार को सवालों का सिलसिला जारी रहा. झारखंड स्थापना दिवस-2016 के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं के बीच टॉफी व टी-शर्ट वितरण में बड़ा घोटाला सामने आया है. प्रदेश के 9000 स्कूलों में टॉफी व टी-शर्ट बंटे ही नहीं और कागज पर आपूर्ति दिखा दी गयी. सदन में विधायक सरयू राय (Saryu Ray) के आरोपों को सही माना है. विधायक सरयू राय के सवाल पर सरकार ने इस घोटाले की जांच का आदेश दे दिया है. घोटाला करोड़ों में बताया जा रहा है.

सरकार की ओर से वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने सदन को आश्वस्त किया कि इस घोटाले की जांच में तीन विभागों से समन्वय स्थापित किया जाएगा, जिसमें स्कूली शिक्षा विभाग, वाणिज्य कर विभाग और परिवहन विभाग शामिल हैं. तीनों विभाग के बीच आपसी बातचीत के बाद पूरे प्रकरण की शीघ्र जांच पूरी की जाएगी और जो दोषी होंगे उनपर कार्रवाई होगी.

सरयू राय ने सवाल उठाया था कि राज्य स्थापना दिवस 2016 के दिन स्कूली छात्र-छात्राओं के बीच वितरण के लिए टॉफी की आपूर्ति लाला इंटरप्राइजेज जमशेदपुर ने की थी. वहीं, पांच करोड़ रुपये के टी-शर्ट की आपूर्ति का काम कुड़ू फैब्रिक्स लुधियाना को दिया गया था. हकीकत यह है कि राज्य के 9000 स्कूलों तक ना टॉफी पहुंची और ना ही टी-शर्ट, जबकि इसके एवज में भुगतान पूरा हो गया था. उन्होंने सदन में इस घोटाले की किसी निष्पक्ष संस्था से जांच का आग्रह किया.

मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि कुड़ू फैब्रिक्स ने लुधियाना से रांची, धनबाद, जमशेदपुर में टी-शर्ट आपूर्ति करने के लिए झारखंड सहित अन्य राज्यों से रोड परमिट नहीं लिया. इनपर रोड टैक्स के एवज में 17 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है.
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